कुप्पम में बदली गरीबों की तकदीर: चंद्रबाबू नायडू और अदाणी फाउंडेशन की P4 पहल से आत्मनिर्भर बनेंगे परिवार
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने रविवार को कुप्पम में 'अदाणी फाउंडेशन' के साथ मिलकर राज्य की फ्लैगशिप पब्लिक-प्राइवेट-पीपल पार्टनरशिप (P4) पहल की शुरुआत की। इस प्रोजेक्ट का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को टिकाऊ आजीविका के अवसर देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

इस पहल के तहत, अदाणी फाउंडेशन आंध्र प्रदेश सरकार के P4 कार्यक्रम में 'मार्गदर्शी' (गाइडिंग पार्टनर) के रूप में शामिल हुआ है। यह प्रोग्राम चित्तूर जिले के कुप्पम मंडल में चिन्हित गरीब परिवारों यानी 'बंगारू कुटुंबम' की मदद करेगा। इसके जरिए स्थानीय स्तर पर छोटे उद्यमों, वित्तीय साक्षरता और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तक पहुंच बढ़ाकर परिवारों की आय में सुधार करने का लक्ष्य रखा गया है।
"ट्रांसफॉर्मिंग लाइव्स टुगेदर: ए P4 मॉडल फॉर होलिस्टिक प्रोग्रेस ऑफ बंगारू कुटुंबम इन कुप्पम मंडल" नाम की यह पहल मंडल की सभी 29 ग्राम पंचायतों और शहरी क्लस्टरों को कवर करेगी। इसे आंध्र प्रदेश महिला अभिवृद्धि सोसाइटी (APMAS) के सहयोग से लागू किया जाएगा।
अपने विधानसभा क्षेत्र कुप्पम में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने लाभार्थियों को सिलाई मशीन, पोर्टेबल वेल्डिंग किट और कढ़ाई मशीन जैसे आजीविका से जुड़े उपकरण बांटे। जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य से गरीबी मिटाने के प्रयासों में अदाणी फाउंडेशन के योगदान की जमकर तारीफ की।
नायडू ने कहा, "मैं बंगारू कुटुंबम के लिए नेतृत्व को मजबूत करने और टिकाऊ आजीविका को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता के लिए अदाणी फाउंडेशन को बधाई देता हूं। यह पहल सरकार की 'P4 जीरो पॉवर्टी' मुहिम की असली भावना को दर्शाती है और समावेशी विकास के लिए साझा सामाजिक जिम्मेदारी का एक बेहतरीन उदाहरण है।"
इस मौके पर अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. प्रीति अदाणी ने अपने संदेश में कहा कि इस पहल का उद्देश्य परिवारों को आजीविका के स्थायी अवसर देकर सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा, "स्थायी प्रगति की शुरुआत घर से होती है। जब परिवारों के पास सही अवसर, सहयोग और आत्मविश्वास होता है, तो वे ऐसी आजीविका बना सकते हैं जिससे आने वाली पीढ़ियों को भी फायदा हो। P4 पहल के तहत आंध्र प्रदेश सरकार के साथ हमारी साझेदारी बंगारू कुटुंबम को आत्मनिर्भर बनाने की हमारी साझा प्रतिबद्धता को दिखाती है।"
इस कार्यक्रम के तहत लाभार्थी परिवारों को उनके कौशल और स्थानीय बाजार की मांग के हिसाब से संसाधन दिए जाएंगे। इसमें किराना दुकान, पशुपालन, सिलाई यूनिट और अन्य सूक्ष्म उद्यमों के लिए सहायता शामिल है, ताकि वे लगातार कमाई कर सकें।
प्रोग्राम में शामिल हर परिवार को 'बंगारू मित्र' (प्रशिक्षित कम्युनिटी फैसिलिटेटर) द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा। ये मित्र बिजनेस प्लान तैयार करने, वित्तीय साक्षरता बढ़ाने, उद्यम विकसित करने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में लाभार्थियों की मदद करेंगे।
फाउंडेशन के मुताबिक, यह प्रोग्राम उद्यम विकास, सामुदायिक मेंटरिंग और कल्याणकारी योजनाओं को एक साथ जोड़ता है। यह गरीबी कम करने का एक ऐसा मॉडल है जिसे बड़े स्तर पर लागू किया जा सकता है और यह स्थानीय समाधानों के जरिए गरीबी खत्म करने के आंध्र प्रदेश सरकार के विजन के अनुरूप है।
अदाणी फाउंडेशन वर्तमान में आंध्र प्रदेश के करीब 150 गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, टिकाऊ आजीविका, जलवायु परिवर्तन और सामुदायिक विकास जैसे क्षेत्रों में काम कर रहा है। पूरे भारत की बात करें तो फाउंडेशन 22 राज्यों के 7,200 से अधिक गांवों और शहरी वार्डों में सक्रिय है, जिससे 1.3 करोड़ से ज्यादा लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।












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