विज्ञापन विवाद: मोदी पर बरसे नीतीश

पटना, 12 जून (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर बरसे। मामला है पटना में शनिवार को आरंभ हुई भारतीय जनता पार्टी भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक के अवसर पर प्रदेश के अखबारों में छपे मोदी के विज्ञापनों का।

नीतीश ने एक विज्ञापन के मामले में कानूनी कार्रवाई की चेतावनी के साथ ही मोदी से साफ कहा कि वह गुजरात के मुख्यमंत्री है, बिहार में उनका कोई काम नहीं है। कुमार के गुस्से का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने यहां तक कह दिया कि कोसी राहत कोष में गुजरात की ओर से दी गई राशि वह लौटा देंगे।

कार्यसमिति के लिए दिल्ली से आए पत्रकारों के लिए नीतीश ने स्थानीय चाणक्य होटल में दोपहर भोज का आयोजन किया था जहां उन्होंने यह प्रतिक्रिया दी। मोदी पर की गई नीतीश की टिप्पणी ने भाजपा की चिंता बढ़ा दी है।

दरअसल, पटना से प्रकाशित होने वाले कुछ प्रमुख अखबारों में मोदी के आज अलग-अलग विज्ञापन छपे थे। एक विज्ञापन में मोदी और नीतीश को साथ-साथ दिखाया गया है। इस पर अपनी टिप्पणी करते हुए नीतीश ने कहा, "यह विज्ञापन देखकर मैं दंग रह गया। हम तो विज्ञापन जारी करने वाले के खिलाफ कानूनी नोटिस जारी करेंगे। जिसने इसे जारी किया है उसे सामने आना चाहिए।"

उन्होंने कहा, "इस विज्ञापन में मेरे फोटोग्राफ का इस्तेमाल किया गया है। इससे मुझे और मेरे कार्यालय को भी अवगत नहीं कराया गया।"

मोदी पर बरसते हुए नीतीश ने कहा, "बिहार से मोदी का क्या मतलब है। हम सरकार चला रहे हैं बिहार भाजपा के साथ। ....यहां हमारी मिली-जुली सरकार विकास का काम कर रही है। कुछ लोगों की आंखों में यह गड़ रहा है।"

गुजरात में रह रहे बिहारियों की ओर से जारी एक अन्य विज्ञापन के जरिए मोदी को बिहार की जनता के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ने की कोशिश करते दिखाया गया है। इसमें लिखा गया है कि गुजरात और बिहार का बहुत पुराना संबंध रहा है।

यही नहीं, इस विज्ञापन के जरिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकास मॉडल पर मोदी के मॉडल को भारी पड़ते दिखाया गया है। विज्ञापन में कहा गया है, "संकट की घड़ी में गुजरात हमेशा बिहार के साथ खड़ा रहा है। कोसी नदी में 2008 में आई बाढ़ के दौरान भी गुजरात ने बिहार को सर्वाधिक मदद दी।"

इस विज्ञापन पर भड़के नीतीश ने कहा, "हम पता करवा रहे हैं कि मुख्यमंत्री राहत कोष से गुजरात से आई राशि खर्च हुई है कि नहीं। खर्च नहीं हुई होगी तो हम उसे लौटा भी देंगे।"

उन्होंने कहा कि यह भारतीय संस्कृति नहीं है। सहायता भेज कर ढिंढोरा नहीं पीटा जाता है। यह हमारी संस्कृति के प्रतिकूल है।

नीतीश ने कहा बिहार कमजोर नहीं है यहां के लोगों में इतनी ताकत है कि अपनी जरूरत के समय वह सक्षमता के साथ मुकाबला कर सकते है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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