बच्चों के टिफिन में जंक फूड पर प्रतिबंध

बेंगलुरू। बच्चों का लंच क्या हो अब ये पैरेंट्स नहीं बल्कि स्कूल तय कर रहे हैं। बच्चों को हेल्दी डाइट देने के लिए बेंगलुरू के स्कूल, अब मां-बाप को पाठ पढ़ा रहे हैं। स्कूल वालों ने बच्चों के टिफिन में नूडल्‍स, चौप्‍सी, बर्गर, फ्रेंच फ्राई, चिप्स, आदि जैसे जंक फूड पर प्रतिबंध लगा दिया है। कई स्‍कूलों में इसके बजाय बच्चों के लंच में पौष्टिक खाना लाने की मुहिम शुरू की गयी है। यही नहीं जंक फूड लाने पर फाइन भी ठोका जाएगा।

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टाइम्स ऑफ इंडिया ने इस संबंध में एक खबर प्रकाशित की है। खबर के मुताबिक बच्चों के लंच में सलाद, मेवे, फल, सैंडविच और चपाती रोल जैसी पौष्टिक चीजें होनी चाहिए। स्कूल कहते हैं कि बच्चों के टिफिन में जंक फूड के बजाय घर पर बनी चीजें होनी चाहिए। इसमे ब्रेड-बटर टोस्ट, पोहा और रोटी-सब्जी जैसी चीजें हों ना कि बाहर का खाना या जंक फूड।

बच्‍चों के स्‍वास्‍थ्‍य का खास ध्‍यान दे रहे कई स्कूलों ने ऐसा करने से पहले डायटीशंस की राय भी ली है। हालांकि प्रतिबंधों से परेशान कई माता-पिता इसके खिलाफ भी हैं। कुछ अभिभावकों का कहना है कि उनक बच्‍चा इन सब चीजों के अलावा कुछ खाता नहीं तो क्‍या रख कर भेजें। स्कूल वाले लंच में जो भेजने के लिए कहते हैं जैसे बिस्किट और सलाद वह खाने के लिए वो तैयार नहीं होता। इसके अलावा रोज-रोज रोटी-सब्जी और डोसा रोल बनाना मेरे संभव नहीं है। अभिभावकों का कहना है कि बच्‍चे रोज नई चीजें चाहते हैं।

स्कूल वाले अपने बच्चों के स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखना चाहते हैं। स्कूलों का कहना है कि बच्चों को बहुत मीठी और तली-भुनी चीजें देने से उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। उनके दांत खराब होते हैं इसलिए हम चाहते हैं कि बच्चों के पैरेंट्स, अपनी जिम्मेदारियां समझते हुए बच्चों के लंच का ख्याल रखें और उन्हे हेल्दी डाइट दें।

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