रूस ने जनसूचना पर रोक लगाई
देश के न्यायाधीशोंे की उच्चस्तरीय पीठ ने जो नियम जारी किए हैं, उनके तहत अदालतें किसी मुकदमे के बारे में इंटरनेट पर जानकारी प्रकाशित नहीं कर सकती हैं।
नए नियमों के मुताबिक राजकीय सुरक्षा, पारिवारिक कानून और सीमित न्यायिक क्षमता संबंधी जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध नहीं कराई जा सकती है।
सुरक्षित राजकीय गोपनीयता, प्लाट, कर निर्धारण एवं धोखाधड़ी के मामलों और मादक पदार्थ या हथियार बनाने की विधियों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकतीं।
अधिकारियों ने कहा है कि न केवल अदालतों द्वारा नाम जाहिर करने पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, बल्कि सभी व्यक्तिगत जानकारी जैसे जन्मतिथि, जन्मस्थान, निवास करने का स्थान, राष्ट्रीय बीमा संख्या, वाहनों की जानकारी एवं आपराधिक घटनास्थल के बारे में भी नहीं बताया जा सकता।
नए नियम के मुताबिक एक पाीठासीन न्यायाधीश लंबित मामलों का वर्गीकरण कर सकता है, बशर्ते न्यायाधीश अपना परिचय पेश कर दें। यह भी संभव है कि अनौपचारिक नियुक्तियों के आदेश को भी वर्गीकृत किया जाए। निजी मामलों पर दिए जाने वाले फैसलों की समीक्षा के बाद न्यायिक अधिनियम के मजमून में पूरी तरह परिवर्तन किया जा सकता है।
सरकार के इस फैसले की रूसी मीडिया में तीखा आलोचना हो रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications