सामाजिक फिल्मों के प्रोत्साहन के लिए उद्यम पूंजी कोष
कायद नज्मी
मुंबई, 30 मई (आईएएनएस)। सामाजिक मुद्दों पर फिल्म बनाने के लिए पूंजी की कमी अक्सर फिल्मकारों के लिए परेशानी का सबब होती है, लेकिन अब ऐसे विषयों पर फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक उद्यम पूंजी कोष का निर्माण किया गया है।
पूर्व निवेश बैंकर विक्की धीर और आदित्य मेहता ने "कॉज एंटरटेनमेंट फंड" (सीईएफ) के नाम से एक कोष शुरू किया है जो सामाजिक विषयों पर बनने वाली फिल्मों में पूंजी निवेश करेगा।
धीर और मेहता इस फंड को अपनी वित्तीय कंपनी डीएम कैपिटल एडवाइजर (डीएमसीए) के जरिए संचालित करेंगे। कंपनी के निदेशक मंडल में सोनी पिक्चर्स और पीवीआर सिनेमा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रह चुके उदय सिंह, कोडे नेस्ट इंडिया के एलेक्स कुरुविला, सोनी पिक्चर्स के मनजीत सिंह और सोनी म्यूजिक के श्रीधर सुब्रह्मण्यम शामिल हैं।
सामाजिक मुद्दों पर फिल्मों के निर्माण के लिए विकसित देशों में इस तरह के पूंजी कोष काफी पहले से चल रहे हैं लेकिन भारत में इस तरह का यह पहला कोष है। सीईएफ के संस्थापक सिनेमा को सामाजिक बदलाव का जरिया बनाने की अवधारणा के समर्थक हैं।
मेहता ने आईएएनएस से कहा,"मनोरंजन के साधन समाज पर गहरा असर डालते हैं और यह सामाजिक बदलाव में बड़ी भूमिका निभाते हैं।"
धीर ने कहा कि बहुत लोग फिल्म बनाते हैं लेकिन उनमें से कुछ लोग ही व्यावसायिक सफलता हासिल करते हैं।
उन्होंने कहा,"हम विषयवस्तु के सामाजिक पहलू को समझकर उससे सामाजिक बदलाव लाने के लिए योजनाओं का निर्माण करेंगे।"
धीर ने कहा कि विषय वस्तु का परीक्षण करने के बाद हम वित्तीय आवश्यकताओं का परीक्षण करने के साथ फिल्म के कलाकार और निर्देशकों पर भी गंभीरता से विचार करेंगे। उन्होंने कहा कि हम व्यावसायिक नजरिए के अलावा सामाजिक नजरिए से सफल फिल्में बनाना चाहते हैं।
इससे पहले '3 ईडियट्स', 'तारे जमीन पर', 'लगान', 'मन्नाभाई एमबीबीएस', 'रंग दे बसंती', 'लगे रहो मुन्नाभाई' जैसी समाजिक बदलाव को प्रेरित करने वाली फिल्में सफलता अर्जित कर चुकी हैं।
मेहता ने कहा कि शुरुआत में वे हर साल 2-3 फिल्मों पर काम करेंगे इसके बाद वे स्थानीय फिल्मों की तरफ कदम बढ़ाएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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