राष्ट्रपति ने लिया देवनागरी का सहारा
शंघाई, 30 मई (आईएएनएस)। चीन की छह दिवसीय यात्रा के दौरान राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील ने चीनी नामों के उपयुक्त उच्चारण के लिए अपने भाषणों में देवनागरी लिपि का उपयोग किया।
गत 26 मई को चीन का दौरा आरंभ करने के बाद राष्ट्रपति अब तक बीजिंग और ल्युयेंग का दौरा कर चुकी है और अब वह अपनी यात्रा के अंतिम पड़ाव पर हैं।
चीन रवाना होने से पहले विदेश मंत्री एस. एम. कृष्णा ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर उन्हें चीन के बारे में व्यापक जानकारियों से अवगत कराया।
एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "राष्ट्रपति इस बात को लेकर बहुत गंभीर थीं कि वह जिन नामों का जिक्र करें, उनका उच्चारण उपयुक्त हो। उन्होंने बाकायदा नामों के उच्चारण का अभ्यास तक किया। उनके भाषणों में चीनी नामों को देवनागरी लिपी में लिखा गया था ताकि वह उनका उपयुक्त उच्चारण कर सकें।"
अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति यह जानने को भी उत्सुक थीं कि उनके दौरे के बारे में मीडिया में क्या खबरें छप रही हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भारत और चीन के संबंधों को सुधारने को लेकर भी बहुत गंभीर हैं। वह जहां भी गईं, उन्होंने कोशिश की दोनों देशों के आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों में सुधार हो।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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