रेल दुर्घटना के पीछे नक्सलियों का हाथ, 65 मरे (लीड-4)

राज्य के पुलिस महानिदेशक भूपिंदर सिंह ने संवाददाताओं से कहा, "रेलगाड़ी के चालक ने बताया कि इस घटना से ठीक पहले उसने विस्पफोट की आवाज सुनी। इसके कुछ पल बाद ही रेलगाड़ी पटरी से नीचे उतर गई। इसकी टक्कर दूसरी ओर से आ रही एक मालगाड़ी से हो गई।"

उन्होंने कहा, "घटना स्थल से दो पोस्टर बरामद हुए हैं जिनमें पीसीपीए ने इस घटना की जिम्मेदारी ली है। पीसीपीए को नक्सलियों का ही अंग माना जाता है। इस घटना के लिए नक्सली जिम्मेदार हैं।"

उन्होंने बताया कि यह घटना देर रात लगभग 1.30 बजे की है। विस्फोट झारगाम के निकट दो रेलवे स्टेशनों के बीच हुआ।

राज्य के गृह सचिव समर घोष ने एक समाचार चैनल को बताया, "65 शव बरामद किए गए हैं। अभी और भी शव बरामद किए जा सकते हैं। 200 से अधिक यात्री घायल भी हुए हैं।"

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इंजन और 12 डिब्बे पटरी से नीचे उतर गए। घटना के वक्त ज्यादातर मुसाफिर सो रहे थे। कुछ डिब्बे बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, "हमने रेलगाड़ी के पटरी से नीचे उतरने के समय तेज आवाज सुनीं। "

घटना के बाद वायु सेना ने व्यापक स्तर पर राहत एवं बचाव का कार्य आरंभ कर दिया है। वायु सेना के दो हेलीकाप्टरों को बचाव कार्यो में लगाया गया है। चिकित्सकों का एक दल भी भी मौके पर पहुंच गया है। इस घटना में 20 लोग मारे गए और 100 से अधिक घायल हुए हैं।

वायु सेना के प्रवक्ता विंग कमांडर महेश उपासनी ने आईएएनएस को बताया कि बचाव कार्य में एक चेतक और एमआई-17 हेलीकॉप्टर को मौके पर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक चिकित्सा के लिए मौके पर चिकित्सकों का एक दल भी भेजा गया है।

रेल मंत्री ममता बनर्जी हालात का जायजा लेने के लिए शुक्रवार सुबह घटनास्थल पर पहुंची। उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में इस घटना को दुखद बताया। इसके साथ ही रेल मंत्री ने मुआवजे का ऐलान भी किया। मारे गए प्रति व्यक्ति के परिजनों को पांच लाख रुपये और परिवार के सदस्य को नौकरी दी जाएगी। घायलों को एक-एक लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।

इसके साथ ही ममता ने कहा, "इस तरह की घटनाओं की वजह से हम रेलवे को बंद नहीं कर सकते। यह जीवन रेखा है। रेलवे के साथ कुछ भी होने से देश के लोग प्रभावित होते हैं। अब हम गश्त बढ़ाएंगे। रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है।"

ममता ने तमाम कयासों को खारिज करते हुए कहा कि यह घटना बम विस्फोट के कारण हुई है। उन्होंने कहा, "यह घटना बम विस्फोट की वजह से हुई। रेलगाड़ी के पटरी से उतरने की वजह विस्फोट है।"

उधर, चीन दौरे पर गईं राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील ने इस घटना पर शोक जताया है। राष्ट्रपति के एक प्रवक्त ने बीजिंग में कहा कि पाटील इस घटना से दुखी हैं और उन्होंने मारे गए लोगों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री आज की त्रासदी से व्यथित हैं।

प्रधानमंत्री ने घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल हुए व्यक्ति के लिए 50,000 रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है। उन्होंने रेलवे एवं अन्य अधिकारियों से पीड़ित परिवारों को पूरी मदद मुहैया कराने के लिए कहा है।

दूसरी ओर इस घटना पर मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सरकार की नक्सल विरोधी नीति पर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी ने कहा है कि नक्सल समस्या पर सरकार का रुख अस्पष्ट है।

भाजपा के महासचिव और मुख्य प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, "पश्चिम बंगाल की घटना की भाजपा कड़ी निंदा करती है। एक बार फिर सरकार की नीति पर सवाल खड़े हुए हैं। हम जानना चाहते हैं कि नक्सलवाद पर सरकार का क्या रुख है।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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