कंपनियों के लिए क्षमादान योजना
कंपनी मामलों के मंत्रालय द्वारा जारी एक दस्तावेज में कहा गया है कि मंत्रालय ने 'कंपनी लॉ सेटलमेंट स्कीम 2010' के नाम से एक योजना शुरू की है जिसके तहत महानियंत्रक के पास दस्तावेज जमा कराने में हुई देर को माफ करते हुए 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क के साथ दस्तावेज जमा कराने की छूट दी गई है।
यह योजना 30 मई से 31 अगस्त तक जारी रहेगी।
कंपनी मामलों के मंत्री सलमान खुर्शीद द्वारा इस महीने की शुरुआत में लोकसभा को दी गई जानकारी के मुताबिक वर्ष 2008-09 में 3,70,196 कंपनियों ने आरओसी को अपनी बैलेंसशीट नहीं सौंपी थी जबकि इस साल 3,71,110 कंपनियों ने अपना वार्षिक रिटर्न दाखिल नहीं किया है।
जानकारी न देने वाली कंपनियां यदि इस योजना का फायदा उठाकर दस्तावेज जमा नहीं कराती हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्रालय ने बंद हो चुकी कंपनियों का नाम आरओसी से हटाने के लिए भी एक योजना शुरू की है, इसके अंतर्गत बंद हो चुकी कंपनियां बिना कोई शुल्क दिए अपना नाम आरओसी के रिकॉर्ड से हटाने का आवेदन दे सकती हैं। लेकिन यह योजना ऐसी कंपनियों पर लागू नहीं होगी जिनके खिलाफ कानून के उल्लंघन का कोई मामला चल रहा है।
मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "काम नहीं कर रही कंपनियां चाहें तो अपना नाम हटाने के लिए बिना कोई शुल्क दिए मंत्रालय के पोर्टल पर अपना आवेदन दे सकती हैं।"
यह योजना 30 मई से 31 अगस्त तक लागू रहेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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