ए. क्यू. खान पर लगे प्रतिबंध हटाए गए
याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि खान देश के स्वतंत्र नागरिक हैं, इसलिए उनके कहीं भी आने-जाने पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता। पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रमों के कर्ता-धर्ता खान पर आरोप लगाया गया था कि वह देश के गोपनीय तथ्यों को देश के बाहर पहुंचा रहे हैं, इसलिए उन पर प्रतिबंध लगाया जाए।
अदलत ने सरकार को आदेश दिए हैं कि खान को सुरक्षा मुहैया कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।
एक ऑन लाइन न्यूज एजेंसी के मुताबिक खान को सुरक्षा के नाम पर नजरबंद किया गया था।
इस्लामाबाद स्थित पत्रकारों से बातचीत में खान ने कहा कि अब यह देखना है कि अदालत के आदेश का कितना पालन किया जाता है।
उन्होंने कहा कि यदि आदेश का पालन नहीं किया गया तो वह अदालत की अवमानना का मुदकदमा दायर करेंगे।
खान ने कहा कि उन्हें इससे बेहद ठेस पहुंची है कि उनकी सेवाओं को कभी महत्व नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि इस मुल्क में सिर्फ फर्जी डिग्री वालों को तवज्जो दी जाती है। ऐसे कई लोग हैं, जिन्हें दोबारा चुना गया और उच्च पदों पर बिठाया गया।
अदालत ने सरकार की उस दलील पर 25 जनवरी को खान के कहीं आने-जाने पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने पिछले साल एक करार का उल्लंघन करते हुए विदेशी मीडिया को इंटरव्यू दिया था। उससे देश की अखंडता को खतरा हो सकता था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications