रेल हादसे में 65 की मौत, 50 के फंसे होने की आशंका (लीड-5)

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और रेल मंत्री ममता बनर्जी ने हादसे को दुखद बताते हुए मारे गए लोगों के निकट संबंधियों के लिए मुआवजे की घोषणा की है। प्रधानमंत्री ने मृतकों को परिजनों को दो-दो लाख रुपये और बनर्जी ने पांच-पांच लाख रुपये के अलावा परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का ऐलान किया है।

हादसे के शिकार हुए लोगों के परिजनों के लिए रेलवे ने हेल्प लाइन नंबर स्थापित किए हैं। परिजन हावड़ा में 033-26382217, खड़गपुर में 032-22255751, 032-22255735 और 10722 (टॉल फ्री) पर अपने सगे संबंधियों के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं।

इधर, हादसे के कारणों को लेकर राज्य और केंद्र सरकार के बयानों में विरोधाभास देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य ने इसे नक्सली हमला करार दिया है जबकि केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने इसके पीछे तोड़फोड़ की कार्रवाई की आशंका जताई है। रेल मंत्री ममता बनर्जी ने तमाम कयासों को खारिज करते हुए कहा कि यह घटना बम विस्फोट के कारण हुई है।

पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक भूपिंदर सिंह ने संवाददाताओं से कहा, "रेलगाड़ी के चालक ने बताया कि इस घटना से ठीक पहले उसने विस्पफोट की आवाज सुनी। इसके कुछ पल बाद ही रेलगाड़ी पटरी से नीचे उतर गई। इसकी टक्कर दूसरी ओर से आ रही एक मालगाड़ी से हो गई।"

उन्होंने कहा, "घटना स्थल से दो पोस्टर बरामद हुए हैं जिनमें पीसीपीए ने इस घटना की जिम्मेदारी ली है। पीसीपीए को नक्सलियों का ही अंग माना जाता है। इस घटना के लिए नक्सली जिम्मेदार हैं।"

राज्य के गृह सचिव समर घोष ने एक समाचार चैनल को बताया, "65 शव बरामद किए गए हैं। अभी और भी शव बरामद किए जा सकते हैं। 200 से अधिक यात्री घायल भी हुए हैं।"

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इंजन और 12 डिब्बे पटरी से नीचे उतर गए। घटना के वक्त ज्यादातर मुसाफिर सो रहे थे। कुछ डिब्बे बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, "हमने रेलगाड़ी के पटरी से नीचे उतरने के समय तेज आवाज सुनीं। "

वायु सेना ने व्यापक स्तर पर राहत एवं बचाव का कार्य आरंभ कर दिया है। वायु सेना के दो हेलीकाप्टरों को बचाव कार्यो में लगाया गया है। चिकित्सकों का एक दल भी मौके पर पहुंच गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की पांच टीमों को मौके पर भेजा है।

वायु सेना के प्रवक्ता विंग कमांडर महेश उपासनी ने आईएएनएस को बताया कि बचाव कार्य में एक चेतक और एमआई-17 हेलीकॉप्टर को मौके पर भेजा गया है।

हालात का जायजा लेने के लिए शुक्रवार सुबह घटनास्थल पर पहुंची बनर्जी ने संवाददाताओं से बातचीत में घायलों के लिए एक-एक लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया।

ममता ने कहा, "इस तरह की घटनाओं की वजह से हम रेलवे को बंद नहीं कर सकते। यह जीवन रेखा है। रेलवे के साथ कुछ भी होने से देश के लोग प्रभावित होते हैं। अब हम गश्त बढ़ाएंगे। रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है।" उन्होंने कहा कि यह घटना बम विस्फोट की वजह से हुई। रेलगाड़ी के पटरी से उतरने की वजह विस्फोट है।

चीन दौरे पर गईं राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील ने इस घटना पर शोक जताया है। राष्ट्रपति के एक प्रवक्त ने बीजिंग में कहा कि पाटील इस घटना से दुखी हैं और उन्होंने मारे गए लोगों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है।

नई दिल्ली में चिदंबरम ने एक बयान जारी कर हादसे के पीछे संभावित तोड़फोड़ की घटना को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि विस्फोटकों के इस्तेमाल के बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं है।

चिदंबरम ने कहा, "यह तोड़फोड़ की घटना मालूम पड़ती है, वहां रेल पटरियों का एक हिस्सा हटा दिया गया था।" बयान में हालांकि सीधे तौर पर हादसे के लिए नक्सलियों को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है।

कोलकाता में मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य ने कहा कि पश्चिमी मिदनापुर जिले में हुए रेल हादसे के पीछे नक्सलियों के हाथ होने का पता चला है। भट्टाचार्य ने इसे 'जघन्य हमला' करार दिया। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार के चार मंत्री मौके पर पहुंच चुके हैं। बचाव कार्य चल रहा है।"

इस बीच हादसे के कारण उड़ीसा जाने वाली एक रेलगाड़ी को रद्द कर दिया गया है जबकि भुवनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी सहित कई अन्य रेलगाड़ियों के मार्ग में परिवर्तन किया गया है।

भुवनेश्वर में रेल अधिकारी निराकार दास ने आईएएनएस को बताया कि हावड़ा से आने वाली हावड़ा-टिटलागढ़ इस्पात एक्सप्रेस को रद्द कर दिया गया है।

साथ ही भुवनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस और भुवनेश्वर-नई दिल्ली-भुवनेश्वर नीलांचल एक्सप्रेस को परिवर्तित मार्ग पर चलाया जा रहा है। नीलांचल एक्सप्रेस और राजधानी को आद्रा (पश्चिम बंगाल) और गोमो (झारखंड) के रास्ते उड़ीसा लाया जा रहा है।

नई दिल्ली में रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक हादसे के चलते तीन रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया गया है और 18 के रास्ते बदल दिए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए 14 हेल्प लाइनें बनाई गई हैं।

एक अधिकारी ने बताया,"हावड़ा से चलने वाली सभी रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया गया है। इनमें आने और जाने वाली सभी ट्रेन शामिल हैं।"

अधिकारी ने बताया कि भुवनेश्वर और हावड़ा के बीच चलने वाली जन शताब्दी एक्सप्रेस, हावड़ा-तितलागढ़-हावड़ा एक्सप्रेस, और टाटा-हावड़ा-टाटा एक्सप्रेस भी रद्द कर दी गई हैं।

अधिकारियों ने बताया कि 18 रेलगाड़ियों के मार्ग बदल दिए गए हैं। इसमें चंदील, पुरुलिया, आद्रा, खड़गपुर, चक्रधरपुर और संभलपुर वाया होकर जाने वाली रेलगाड़ियां शामिल हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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