सीबीएसई 10वीं के नतीजे, लड़कियों ने फिर बाजी मारी (लीड-1)
नई दिल्ली, 28 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की परीक्षाओं में एक बार फिर लड़कियों ने बेहतर प्रदर्शन कर लड़कों को मात दे दी है। इस साल की सीबीएसई 10वीं परीक्षा के नतीजे शुक्रवार को घोषित हुए।
परीक्षा परिणामों में पहली बार ग्रेडिंग प्रणाली की शुरुआत करने वाले बोर्ड का कहना है कि 88.30 प्रतिशत लड़कों के मुकाबले 90.68 फीसदी लड़कियों ने दसवीं में सफलता हासिल की है।
इस साल कुल 886,338 छात्रों ने 10वीं की परीक्षा दी थी। इनमें 522,107 लड़के और 364,231 लड़कियां शामिल थीं।
इस बार नतीजे प्रतिशत में घोषित किए जाने की बजाए ग्रेड्स में घोषित किए गए हैं। छात्रों को नौ अंकों के एक पैमाने के आधार पर विभिन्न ग्रेड्स (श्रेणियों) में रखा गया है। इसमें ए1 से लेकर डी तक की ग्रेड्स हैं। परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर ए1 ग्रेड, असंतोषजनक प्रदर्शन पर ई2 ग्रेड दिया गया है जबकि न्यूनतम अंकों से परीक्षा में सफल छात्रों को डी ग्रेड मिला है।
जिन छात्रों ने परीक्षा उत्तीर्ण करते हुए डी या इससे ऊपर के ग्रेड प्राप्त किए हैं उन्हें योग्यता प्रमाण-पत्र दिए गए हैं।
इक्यानवे प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वालों को ए1 श्रेणी में रखा गया है। इसी तरह बी1 में 81 से 90 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले हैं। डी में 33 से 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले और ई1 व ई2 में 33 प्रतिशत से कम अंक हासिल करने वालों को रखा गआ है।
इस बार नतीजों में छात्रों द्वारा प्राप्त सटीक अंकों का खुलासा नहीं हुआ है इसलिए औसत अंक निकालने के लिए इन अंकों को 9.5 से गुणा किया जा सकता है। इस तरह ए1 ग्रेड में औसतन 95, ए2 में 85.5, बी1 में 76, बी2 में 66.5, सी1 में 57, सी2 में 47.5 और डी ग्रेड में औसतन 38 प्रतिशत अंक के बराबर होंगे।
सीबीएसई प्रवक्ता रमा शर्मा ने कहा कि छात्रों के सफल या असफल रहने का सिलसिला बंद हो गया है। इसके स्थान पर उन्हें योग्यता प्रमाण-पत्र या परिणाम देकर बताया जाएगा कि वे सुधार के योग्य हैं।
बोर्ड ने शुक्रवार को दिल्ली, अजमेर, पंचकुला, चेन्नई, गुवाहाटी और इलाहबाद क्षेत्र के परिणामों की घोषणा की।
शर्मा ने बताया कि चेन्नई क्षेत्र के नतीजे सबसे अच्छे रहे। वहां 96.18 प्रतिशत छात्रों ने योग्यता प्रमाण-पत्र हासिल किए हैं।
देश के सभी स्कूलों की तुलना में स्वशासी जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी) के नतीजे सबसे अच्छे रहे, यहां 98.54 छात्रों ने योग्यता प्रमाण-पत्र हासिल किए। दूसरा स्थान केंद्रीय विद्यालयों का रहा, वहां 96.87 प्रतिशत छात्रों को योग्यता प्रमाण-पत्र मिलेंगे।
इस साल शासकीय स्कूलों में परीक्षा परिणाम 80.01 प्रतिशत रहा जबकि शासकीय सहायता प्राप्त स्कूलों में यह आंकड़ा 80.65 प्रतिशत रहा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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