मैंगलोर विमान हादसा : आसमान छूना चाहती थी कामुलकर
दो सप्ताह पहले ही तेजल ने एयर इंडिया में नियुक्त होने के बाद पहली बार अपना जन्म दिवस मनाया था। उसे इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं रहा होगा कि यह उसके जीवन का अंतिम जन्मदिन होगा। विमान हादसे में मारे गए 159 लोगों में कामुलकर भी शामिल हैं।
कामुलकर की मौत से उनके परिजन सदमे हैं और पड़ोसी किसी तरह की प्रतिक्रिया देने की स्थिति में बिल्कुल नहीं हैं। कामुलकर की करीबी मित्र और पड़ोसी प्रज्ञा लेले ने किसी तरह तेजल के बारे में जानकारी दी।
लेले ने नम आंखों से कहा, "आजाद पक्षी की तरह उड़ना तेजल का सपना था। इस सपने को साकार करने के लिए उसने इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) से एयर होस्टेस प्रशिक्षण में डिप्लोमा कोर्स किया।"
लेले ने कहा, "वह अच्छे स्वभाव की और मौजमस्ती पसंद इंसान थी। अभी चार महीने पहले ही उसने एयर इंडिया में काम करना शुरू किया था और वह इसे लेकर बहुत खुश थी। किसको पता था कि उसका इस तरह त्रासदीपूर्ण अंत होगा।"
पड़ोसी कहते हैं कि कामुलकर के परिवार ने पांच मई को तेजल की 25वें जन्मदिन पर एक बड़ी पार्टी आयोजित की थी। वे दरअसल एयर इंडिया में तेजल के एयर होस्टेस के रूप में नियुक्ति का जश्न मना रहे थे।
कामुलकर के पिता अनिल दुबई में एक निजी कंपनी में काम करते हैं और उसकी मां गृहिणी हैं। तेजल का छोटा भाई गौरव इंजीनियरिंग द्वितीय वर्ष का छात्र है।
कामुलकर की स्कूली शिक्षा पास के एक गांव माधवी में हुई। वह मूल रूप से उसी गांव की निवासी थी। स्नातक की शिक्षा उसने डोम्बीवली के मॉडल कॉलेज से हासिल की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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