मैंगलोर विमान हादसा : 150 लोग मारे गए (लीड-3)
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा ने हादसे के लगभग तीन घंटे बाद बेंगलुरू में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि यात्रियों को ला रहा बोइंग-737 में 160 से अधिक लोग सवार थे। बहुत कम लोग बच पाए हैं।
उन्होंने कहा, "पांच या छह लोगों को छोड़कर शेष सभी यात्रियों को बचाया नहीं जा सका। यह बहुत बड़ा हादसा है।" इसके बाद मुख्यमंत्री दुर्घटना स्थल के लिए रवाना हो गए।
विमान में चार नवजात सहित 163 लोग और परिचालन दल के छह सदस्य सवार थे।
एयर इंडिया के प्रवक्ता के. स्वामीनाथन ने कहा कि उतरते वक्त विमान रनवे से आगे बढ़ गया और गड्ढ़े में जा गिरा। उन्होंने विस्तृत जानकारी देने से इंकार कर दिया।
अधिकारियों के मुताबिक राहत व बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। आग लगने के कारण उठ रहे धुओं से राहत कार्य में बाधा पहुंच रही है। अग्निशमन विभाग की तकरीबन 20 गाड़ियां और 25 एम्बुलेंस बचाव कार्य में लगे हुए हैं।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस हादसे पर गहरा शोक प्रकट किया है।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, "प्रधानमंत्री ने हादसे के बाद केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रफुल्ल पटेल से बात की और उनसे दुर्घटनास्थल पर चल रहे राहत व बचाव कार्य के बारे में जाना।"
उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने प्रभावितों को हरसंभव मदद का आश्वासन भी दिया।
बयान में कहा गया कि इस दुखद हादसे को देखते हुए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला साल पूरा होने के उपलक्ष्य पर प्रधानमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है।
कर्नाटक के गृह मंत्री वी. एस. आचार्य ने कहा, "यह बहुत ही दुखद घटना है।"
बाज्पे स्थित यह हवाई अड्डा मैंगलोर से 30 किलोमीटर और बेंगलुरू से 350 किलोमीटर दूर स्थित है। पहाड़ों और जंगलों से घिरे इस हवाई अड्डे को उड़ान भरने और उतरने के लिहाज से देश के सबसे खतरनाक हवाई अड्डों में गिना जाता है। इस क्षेत्र में पिछले दो दिनों से भारी बारिश भी हो रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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