मैंगलोर विमान हादसा : विमान ने सभी नियमों का पालन किया
मंत्रालय ने कहा कि पायलट ने तय नियमों के अनुसार हवाई यातायात नियंत्रक से उतरने की अनुमति मांगी और उसे इंस्ट्रमेंटल लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) के तहत उतरने की अनुमति दी गई।
आईएलसी जमीन पर स्थित व्यवस्था है जिससे विमानों को उतरते समय निर्देश उपलब्ध कराए जाते हैं।
बयान में कहा गया कि विमान सही स्थान पर उतरा और रनवे को पार कर समीप की खाई में जा गिरा। इस दुर्घटना में 159 लोग मारे गए।
रनवे की लंबाई 2,450 मीटर है और उससे आगे 90 मीटर का सुरक्षित क्षेत्र है।
बयान में कहा गया कि रनवे को वर्ष 2006 में शुरू किया गया और इसके बाद से आईएलएस सामान्य तरीके से काम कर रहा था।
मैंगलोर से 30 किलोमीटर दूर बाज्पे में स्थित हवाई अड्डा एक पहाड़ी पर स्थित है और इसे उड़ान भरने और उतरने के लिए दुनिया के सबसे कठिन हवाई अड्डों में से एक माना जाता है। इस इलाके में पिछले दो दिनों में भारी वर्षा हुई।
मंत्रालय से जारी दुर्घटना का ब्योरा निम्नलिखित है :
दुर्घटना का समय : 6.05 बजे सुबह
उड़ान : एयर इंडिया एक्सप्रेस उड़ान संख्या : 812
प्रकार : बोइंग 737-800
मार्ग : दुबई से मैंगलोर
कुल सवार लोग : 166 (137 वयस्क, 19 बच्चे, चार शिशु और चालक दल के छह सदस्य )
मौसम की परिस्थिति : दृश्यता छह किलोमीटर, धीमी हवा और दुर्घटना के समय कोई वर्षा नहीं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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