पिछले सप्ताह सेंसेक्स में तीन फीसदी से ज्यादा की गिरावट
यूरोपीय ऋण संकट की वजह से मंदी से निजात की उम्मीदों पर पानी फिर सकता है और भारतीय बाजारों में विदेशी फंडों के माध्यम से होने वाले निवेश में भी कमी आ सकती है ऐसी चिंताएं शेयर बाजार पर भारी पड़ीं।
इस सप्ताह के कारोबार के आखिरी दिन तक बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 30 शेयरों का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स में 548.99 अंक यानी 3.23 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
इसी तरह बीते सप्ताह के दौरान नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 शेयरों के संवेदी सूचकांक निफ्टी में भी 162.35 अंक यानी 3.18 फीसदी की गिरावट आई।
इस सप्ताह बीएसई के मिडकैप सूचकांक में 3.65 फीसदी और स्मालकैप सूचकांक में 4.48 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
सेंसेक्स में शामिल सबसे ज्यादा फायदे में रहने वाले शेयरों में एल एंड टी (5.2 फीसदी), ओएनजीसी (4.8 फीसदी), एसबीआई (2.1 फीसदी), आईटीसी (1.2 फीसदी) और सिप्ला (1.1 फीसदी) शामिल रहे।
सेंसेक्स में शामिल सबसे ज्यादा घाटे में रहने वाले शेयरों में टाटा मोटर्स (13 फीसदी), डीएलएफ (9.9 फीसदी), रैनबैक्सी लैब (8.9 फीसदी), आईसीआईसीआई (8.4 फीसदी) और हिंडाल्को (7.2 फीसदी) शामिल रहे।
बीएसई के अनुसार पिछले सप्ताह सबसे ज्यादा घाटे में रहने वाले क्षेत्रों में रियल्टी (8.8 फीसदी), धातु व ऑटो (5.1 फीसदी) और बैंकिंग (4.2 फीसदी) रहे।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के अनुसार इस दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 83.984 करोड़ डॉलर की बिकवाली की।
विदेशी बाजारों में भी इस दौरान जबरदस्त गिरावट का रुख रहा।
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन तक जापान के निक्कई में 6.48 फीसदी, चीन के शंघाई कंपोजिट सूचकांक में 4.19 फीसदी, हांगकांग के हांग सेंग में 4.29 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
गिरावट की इस आंधी का असर अमेरिकी शेयर बाजारों पर भी दिखा। सप्ताह भर के दौरान डाउजोंस में 4.02 फीसदी और नैसडैक में 6.9 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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