वीजा मामले की समीक्षा कर रहा है कनाडा
कनाडा उच्चायोग ने दिसंबर में बीएसएफ के सेवानिवृत्त जवान फतेह सिंह पंधेर के वीजा संबंधी अनुरोध को खारिज कर दिया था। उच्चायोग ने बीएसएफ को 'युद्ध अपराधों का दोषी' और 'कुख्यात हिंसक बल' बताया था।
पंधेर कनाडा में अपनी बेटी के साथ रहना चाहते थे, इसी वजह से उन्होंने वीजा के लिए आवेदन किया था। इस पूरे मामले पर कनाडा के विदेश मंत्री लॉरेंस कैनन की प्रवक्ता कैथरीन लोयूबर ने कहा कि वीजा संबंधी आवेदनों के मामले में अक्सर निर्णय संबंधित अधिकारी लेते हैं।
आईएएनएस को भेजे ई-मेल में कैथरीन ने कहा, "वीजा आवेदनों के संबंध में फैसला अधिकारी आव्रजन और शरणार्थी संरक्षण अधिनियम के तहत लेते हैं। हम मामले की समीक्षा कर रहे हैं। गोपनीयता के कारण हम इस मुद्दे पर टिप्पणी नहीं कर सकते।"
कैथरीन ने कहा कि कनाडा भारत के सशस्त्र बल और उससे संबंधित विभागों का आदर करता है। उन्होंने कहा कि भारत और कनाडा के प्रगाढ़ संबंध हैं।
कैथरीन ने कहा कि कनाडा, भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रक्रियाओं का सम्मान करता है। उन्होंने वर्ष 2009 में कनाडा के प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर के सफल भारत दौरे का भी जिक्र किया।
गौरतलब है कि कनाडाई उच्चायोग के राजनयिक ने पंजाब के लुधियाना शहर से 25 किलोमीटर दूर सियार गांव निवासी पंधेर के भेजे गए पत्र में आरोप लगाया था कि उन्होंने न केवल एक ऐसे बल के साथ काम किया है, जिसने नागरिकों पर सुनियोजित हमले किए हैं, बल्कि उन्होंने अपने वीजा आवेदन के साथ बल से खुद के अलग होने के बारे में कोई सबूत भी नत्थी नहीं किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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