मैंगलोर हादसा : 'मुझे मुसाफिरों की चीखें सुनाई दे रही थीं'
विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण बनी दरार से कूदकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहे कृष्णन ने कहा नीचे उतरने के फौरन बाद अगला पहिया टूट जाने की वजह से विमान हिचकोले खाने लगा।
कृष्णन ने बताया, "जैसे ही मुझे विमान की अस्वाभाविक हलचल का पता चला, वह पलट गया और पेड़ जैसी किसी चीज से टकराया। मैंने ऊपर देखा तो सूर्य की रोशनी से मेरी आंखों में पड़ी और मैंने टूट चुके उस विमान में पड़ी एक दरार देखी।"
उन्होंने बताया कि उन्होंने तत्काल अपनी सीट बेल्ट उतारी और उस दरार से बाहर कूद गया। "मुझे लगा मैं जंगल में हूं। मैं चार अन्य लोगों के साथ, जो मेरे साथ कूदे थे, दूर भाग गया।"
कृष्णन ने कहा, "मैं सब ऊपरवाले पर छोड़ता हूं।"
उल्लेखनीय है कि दुबई से आ रहा बोइंग 737 विमान शनिवार सुबह मैंगलोर हवाई अड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में यात्री और चालक दल के 166 व्यक्ति सवार थे। दुर्घटना में 158 लोगों की मौत हो गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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