भारत-अमेरिका रणनीतिक वार्ता जून में
वाशिंगटन, 22 मई (आईएएनएस)। भारत और अमेरिका के 'परिभाषित हितों' के साझेदार होने और दोनों देशों के संबंधों के पहले कभी इतना अधिक आशापूर्ण नहीं होने पर जोर देते हुए अमेरिकी विदेश विभाग ने चार जून को भारत-अमेरिका रणनीतिक वार्ता शुरू होने की घोषणा की।
विदेश विभाग के प्रवक्ता फिलीप क्राउली ने शुक्रवार को रणनीतिक वार्ता की तिथि की घोषणा करते हुए कहा, "भारत और अमेरिका परिभाषित हितों और समान मूल्यों के साझेदार हैं। भारत और अमेरिका के संबंध पहले कभी इतने अधिक आशापूर्ण नहीं थे।"
उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन और भारतीय विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा तीन जून को विदेश विभाग में अंतर-एजेंसी चर्चा की सह-अध्यक्षता करेंगे।
उन्होंने कहा, "विदेश मंत्री क्लिंटन भारतीय विदेश मंत्री कृष्णा का वाशिंगटन में स्वागत करने की इच्छुक हैं।"
क्राउली के अनुसार दोनों सरकारों के वरिष्ठ प्रतिनिधि कृषि, ऊर्जा, शिक्षा, व्यापार और आतंकवाद निरोध सहित साझा भविष्य के व्यापक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
प्रतिनिधिमंडल वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी गंभीर चर्चा करेंगे। वार्ता से इतर भारतीय विदेश मंत्री और अन्य अमेरिकी मंत्रियों की द्विपक्षीय मुलाकातें भी होंगी।
आगामी रणनीतिक वार्ता की तैयारियों के लिए वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों के साथ बैठकों के वास्ते अमेरिकी विदेश उप मंत्री बिल बर्न्स शनिवार को भारत रवाना हो रहे हैं। बर्न्स अफगानिस्तान भी जाएंगे।
अमेरिका की अंतर्राष्ट्रीय संचार और सूचना नीति के समन्वयक फिलीप वेरवीर हैदराबाद में 23 मई से चार जून तक पांचवें विश्व दूरसंचार विकास सम्मेलन में एक अंतर-एजेंसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में विदेश विभाग, संघीय संचार आयोग, आंतरिक सुरक्षा और राष्ट्रीय दूरसंचार सूचना प्रसारण विभाग के सचिव होंगे।
यह सम्मेलन अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार यूनियन के तत्वावधान में हो रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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