साफ-सुथरी और पर्यावरण के अनुकूल होगी हवाई यात्रा
यूरोप की 'एडवाइजरी काउंसिल फॉर एरोनॉटिक्स रिसर्च इन यूरोप' (एसीएआरई) के विशेषज्ञों ने 2020 तक हवाई उड़ानों के दौरान होने वाले कार्बन डाइक्साइड और ध्वनि के उत्सर्जन में 50 फीसदी की कमी का प्रस्ताव दिया है।
साथ ही विशेषज्ञों ने नाइट्रोजन के उत्सर्जन में 80 फीसदी कमी लाए जाने की भी बात कही है। जर्मनी के डार्मस्ट्राड्ट शहर में स्थित 'फ्रानहूफेर इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रक्चरल ड्यूरेबिलिटी एंड सिस्टम रियालबिलिटी' के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष होल्गर हानसेल्का के मुताबिक यह एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य है।
यूरोपीय संघ ने आसमान को साफ-सुथरा और प्रदूषणरहित बनाने के लिए 'क्लीन स्काई' योजना शुरू की है। इसके अंतर्गत उसे 16 देशों के 86 उद्योगों और शोध में मददगार संस्थानों की मदद मिल रही है।
ऐसा पहली बार हो रहा कि विशेषज्ञ इस बात पर भी गौर कर रहे हैं कि वायुयानों के निर्माण के दौरान उपयोग में लाए जाने वाली सामग्रियों को कितनी बार चक्रित किया गया है। अब तक किसी बेकार हुए वायुयान के कबाड़ को उससे अलग करना और उसे समाप्त करना एक बेहद कठिन काम माना जाता है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यात्रियों को सुरक्षा के साथ-साथ अपनी स्वास्थ्य की भी चिंता होती है और यही कारण है कि विमानन उद्योग में पैसेंजर केबिन की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जा रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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