आईएएस बनीं संदीप का प्रेरणास्रोत रहा 'उड़ान'
'उड़ान' बना प्रेरणा
संदीप कहती हैं उनकी प्रेरणा 'उड़ान' धारावाहिक है। उन्होंने कहा, "मैं 'उड़ान' धारावाहिक में एक मध्य वर्ग की लड़की के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी बनने की कहानी देखने के बाद बहुत प्रेरित हुई थी।" इसके साथ-साथ वह अपनी कामयाबी का श्रेय अपने परिवार को भी देना नहीं भूलतीं। 29 वर्षीया संदीप के पिता रंजीत सिंह राजस्व विभाग में चपरासी हैं। संदीप कहती हैं "मुझे एक चपरासी की बेटी होने पर गर्व है। मैं चाहती हूं कि मेरे पिता पूरे सम्मान के साथ अपना कार्यकाल पूरा करें। मैं अपनी सफलता के लिए अपने अभिभावकों और ईश्वर की शुक्रगुजार हूं। सीमित संसाधनों के बावजूद मेरे पिता ने मुझे सबसे अच्छी सुविधाएं दीं।"
कोचिंग के लिए कर्ज लिया
संदीप अनुसूचित जाति से हैं। संदीप को उम्मीद है कि अनुसूचित जाति में सफल हुए परीक्षार्थियों की सूची में भी उन्हें अच्छा स्थान मिलेगा। अब तक यह सूची जारी नहीं हुई है। सिविल इंजीनियर संदीप कहती हैं, "अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद आईएएस की तैयारी शुरू करने से पहले में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना चाहती थी। लेकिन दो साल तक मुझे कोई नौकरी नहीं मिली क्योंकि सिविल इंजीनियरिंग क्षेत्र में लड़कियों के लिए बहुत कम अवसर हैं।"
संदीप ने बताया "मेरा मार्गदर्शन करने के लिए कोई नहीं था और हमारे पास कोचिंग क्लासेज की भारी भरकम फीस चुकाने के लिए पर्याप्त पैसा नहीं था। इसलिए मैंने पहले दो बार बिना किसी कोचिंग के यह परीक्षा दी।" उसके बाद संदीप के पिता ने एक बैंक से कोचिंग संस्थान की फीस के लिए ऋण लिया। संदीप ने पटियाला और दिल्ली में कोचिंग ली। इस परीक्षा के लिए उन्होंने समाजशास्त्र और पंजाबी साहित्य विषय चुने। संदीप ने कहा कि वह बालिका भ्रूण हत्या और पंजाब में लड़कियों की स्थिति बेहतर बनाने की दिशा में काम करेंगी।













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