निरुपमा मामला : प्रियभांशु पर मामला दर्ज करने का निर्देश
अदालत ने पुलिस को रंजन के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। अदालत ने प्रियभांशु रंजन पर निरुपमा का यौन शोषण करने, शादी के लिए गुमराह करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज करने का भी निर्देश दिया है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) एन. के. अग्रवाल ने निरुपमा की माता सुधा पाठक की याचिका पर यह आदेश जारी किया।
निरुपमा के परिजनों का कहना है कि उसने आत्महत्या की थी लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक निरुपमा की हत्या की गई है। निरुपमा 10-12 सप्ताह से गर्भवती थी।
परिजनों ने इस बात को स्वीकार किया है कि उन्होंने रंजन के साथ निरुपमा की शादी का विरोध किया था। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि रंजन ने जांच को प्रभावित किया था। परिजनों ने कहा कि रंजन के खिलाफ बलात्कार का मामला भी दर्ज किया जाना चाहिए।
इस मामले में सुधा पाठक को एक मई को गिरफ्तार किया गया था लेकिन उन्हें अदालत ने तीन दिन के पेरोल पर छोड़ने का निर्देश दिया था।
सुधा पाठक ने अपनी याचिका में रंजन पर शादी का झांसा देकर निरुपमा का यौन शोषण करने का आरोप लगाया है।
उल्लेखनीय है कि झारखण्ड पुलिस ने गुरुवार को नई दिल्ली में रंजन के साथ पांच घंटे तक पूछताछ की थी। पूछताछ के बाद पुलिस ने रंजन का मोबाइल फोन जब्त कर लिया।
निरुपमा के पिता और भाई दोनों सरकारी अधिकारी हैं जो मुंबई और गोंडा में तैनात हैं। इस मामले में पुलिस ने निरुपमा के सौतेले चाचा केदार से पूछताछ की है जो बिहार के बारा जिले में ठेकेदारी का काम करते हैं। केदार निरुपमा और रंजन की शादी के खिलाफ थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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