पाकिस्तान में बिजली संकट गहराया

पाकिस्तान में बिजली की लोडशेडिंग पर क़ाबू पाने के लिए सरकार ने बिजली बचाने और इसका उत्पादन बढ़ाने के लिए विभिन्न उपायों की घोषणा की है.
सरकार ने बिजली का उत्पादन बढ़ाने के लिए पावर सेक्टर को 116 अरब रुपए की मदद देने का ऐलान किया है.
पाकिस्तान इस समय भारी बिजली संकट से जूझ रहा है और देश में सोलह-सोलह घंटे तक बिजली कटौती हो रही है.
उधर प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी का कहना है कि इस समय बिजली की समस्या राष्ट्रीय सुरक्षा का सवाल बन गया है.
देश भर में लगातार बिजली कटौती के कारण कई स्थानों पर दंगे भी हुए हैं.
सरकार ने बिजली संकट को दूर करने के लिए अनेक क़दम उठाएं हैं जिसके तहत सरकारी दफ्तरों में सप्ताह में दो छुट्टियां होंगी, शाम आठ बजे के बाद दवा और बेकरी की दुकानों को छोड़कर सभी दुकाने बंद रहेंगी, शादी विवाह के समारोहों की अवधि सिर्फ़ तीन घंटे होंगी और बिलबोर्ड पर कोई सजावटी बल्ब जलाने की इजाज़त नहीं होगी.
इस्लामाबाद स्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि देश में बिजली संकट ने राजनीतिक अस्थिरता पैदा कर दी है और औद्योगिक उत्पादनों में भारी कमी आई है.
प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि बचत मुहिम के तहत पांच सौ मेगावाट बिजली बचाई जाएगी और विभिन्न सरकारी विभागों के ज़िम्मे जो पावर प्लांट हैं उन्हें 116 अरब रुपए दिए जाएंगे ताकि उनकी उत्पादन क्षमता को बढ़ाया जा सके.
पाकिस्तान के पानी और बिजली मंत्री राजा परवेज़ अशरफ़ ने बताया कि देश भर में विज्ञापन बोर्डों को बिजली आपूर्ती रोक दी जाएगी और 50 प्रतिशत स्ट्रीट लाइट्स बंद कर दी जाएंगी. घरों और व्यवासायिक केंद्रों पर ग़ैर ज़रूरी बल्ब जलाने की मनाही होगी.
उनका कहना है कि बचत मुहिम की शुरुआत राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री कार्यालय और राज्य के मुख्य मंत्रियों और गवर्नरों के सरकारी दफ़्तरों और आवासों से की जाएगी और वहां 50 प्रतिशत बिजली की बचत की जाएगी.












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