पाक से वार्ता में आतंकवाद होगा प्रमुख मुद्दा

कृष्णा ने टीवी चैनल से कहा, "देश को इस बात को गलत रूप में नहीं लेना चाहिए कि समग्र वार्ता फिर से आरंभ हो रही है। भारत के दृष्टिकोण से उचित कारणों से बातचीत को स्थगित किया गया था। जो मुद्दा हमने पाकिस्तान के साथ उठाया था उस पर पाकिस्तान की ओर से अब भी गंभीर कदम उठाया जाना बाकी है।"
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कृष्णा ने कहा कि कि वे नहीं जानते कि बातचीत के दौरान पाकिस्तान के विदेश सचिव सलमान बशीर कौन से मुद्दे उठाएंगे। परंतु भारतीय विदेश सचिव निरुपमा राव की ओर से बातचीत का प्रमुख बिंदु आतंकवाद ही रहेगा।
कृष्णा ने कहा, "हमने सोचा कि आतंकवाद के गंभीर मुद्दे को लेकर पाकिस्तान के साथ वार्ता करना जरूरी है।" इस प्रस्तावित वार्ता की विपक्ष द्वारा की जा रही आलोचना पर कृष्णा ने कहा, "अगर विकल्प के रूप में बेहतर सुझाव दिए जाते हैं तो सरकार उन विकल्पों पर विचार करने के लिए तैयार है। परंतु अगर विपक्ष अपनी स्थिति के अनुसार सुझाव देता है तो सरकार उन पर गौर करने की इच्छुक नहीं है।"
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इधर, दोनों देशों के बीच होने वाली वार्ता की तैयारियों संबंधी चर्चा के लिए पाकिस्तानी उच्चायुक्त ने बुधवार को विदेश सचिव निरुपमा राव से मुलाकात की। साउथ ब्लॉक में दोपहर 12.30 बजे हुई इस मुलाकात के संबंध में अधिकारियों का कहना है कि यह भेंट 25 फरवरी को विदेश सचिवों के बीच होने वाली वार्ता की तैयारियों की चर्चा से संबंधित थी।
नवंबर 2008 में मुंबई पर हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत द्वारा समग्र वार्ता स्थगित कर देने के बाद से दोनों देशों के बीच यह पहली महत्वपूर्ण आधिकारिक बैठक होगी। भारत का कहना है कि वह वार्ता के दौरान पाकिस्तान द्वारा उसकी जमीन पर चल रहे आतंकवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा ही उठाएगा लेकिन पाकिस्तान विस्तृत वार्ता चाहता है।
उल्लेखनीय है कि नवंबर, 2008 में मुंबई पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय समग्र वार्ता को स्थगित कर दिया था। परंतु़ अब दोनों देश 25 फरवरी को नई दिल्ली में सचिव स्तर की वार्ता के लिए तैयार हैं।












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