उस्मानिया विश्वविद्यालय परिसर से हटे अर्धसैनिक बल
हैदराबाद के पुलिस आयुक्त ए. के. खान ने संवाददाताओं को बताया कि अर्धसैनिक बल परिसर से बाहर निकल चुके हैं।
उच्च न्यायालय ने मंगलवार को राज्य सरकार को फटकारते हुए एकल पीठ के फैसले को चुनौती देने वाली उसकी याचिका खारिज कर दी। एकल पीठ ने भी रविवार और सोमवार को छात्रों और पत्रकारों पर लाठीचार्ज के बाद राज्य सरकार को उस्मानिया विश्वविद्यालय से अर्धसैनिक बलों को हटाने का आदेश दिया था।
न्यायालय ने छात्रों खासकर लड़कियों पर लाठीचार्ज, विद्युत आपूर्ति बंद करने और अंधेरे में आंसू गैस के गोले छोड़ने की घटनाओं को गंभीरता से लिया।
इस मुद्दे पर गृह मंत्री पी. सबिता इंद्रा रेड्डी ने विधानसभा में कहा कि छात्रों द्वारा निषेधाज्ञा के उल्लंघन और पथराव करके तीन पुलिसकर्मियों को घायल कर देने के बाद पुलिस ने लाठी चार्ज का सहारा लिया।
राज्य के मुख्य विपक्षी दल तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) द्वारा छात्रों के खिलाफ लगाए गए सारे मुकदमों को वापस लेने की मांग पर उन्होंने कहा कि शांति कायम हो जाने के बाद सरकार इस पर विचार करेगी।
टीडीपी के उप नेता एन. जर्नादन रेड्डी ने सरकार से जानना चाहा कि उसने उस्मानिया विश्वविद्यालय को पुलिस छावनी के रूप में क्यों तब्दील कर दिया?
उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने नौ दिसंबर को घोषणा की थी कि सभी मामले वापस ले लिए जाएंगे, लेकिन राज्य सरकार ने इस पर कोई निर्णय नहीं लिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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