हिमपात के कारण 5वें दिन बंद रहा जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग (लीड-2)
घाटी के लिए संपर्क का दूसरा साधन वायु मार्ग बहाल है, लेकिन राजमार्ग के लगातार बंद रहने के कारण आपूर्ति जिस तरह से बाधित हुई है, उससे जरूरी उपभोक्ता वस्तुओं का भंडार खाली होता जा रहा है।
परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि राजमार्ग की देख-रेख करने वाला सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) मार्ग पर वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू करने के लिए काफी प्रयास कर रहा है लेकिन खराब मौसम के चलते इसमें दिक्कतें आ रही हैं।
प्रशासन का कहना है कि घाटी में जरूरी उपभोक्ता वस्तुओं का पर्याप्त भंडार है। लेकिन लोग शिकायत कर रहे हैं खाद्य वस्तुओं की कीमतें बढ़ गई हैं।
श्रीनगर के एक सरकारी कर्मचारी मुबारक अहमद ने कहा, "जमाखोरों और कालाबाजारी करने वालों ने मौके का लाभ उठाते हुए कीमतें बढ़ा दी है।"
अधिकारी ने कहा कि रामबन के नजदीक पंथाल क्षेत्र में लगातार भूस्खलन होने से सड़क पर वाहनों के आवागमन की सलाह नहीं दी जा रही है।
पिछले चार दिनों से राजमार्ग पर करीब 350 ट्रक और कुछ यात्री वाहन फंसे हैं लेकिन इन सभी को रामबन और ऊधमपुर के सुरक्षित स्थानों पर खड़ा कर दिया गया है।
अधिकारी ने बताया कि नागरिक प्रशासन द्वारा राजमार्ग पर फंसे यात्रियों के भोजन व अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
अधिकारी ने कहा कि सड़क के कई हिस्सों में बर्फ जमने से फिसलन की स्थिति बन गई है। उन्होंने कहा, "हमारी पहली प्राथमिकता राजमार्ग पर फंसे वाहनों को निकालना है।"
जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग दो लेन वाली सड़क है लेकिन रामबन और बनिहाल के बीच 38 किलोमीटर के रास्ते में भूस्खलन की आशंका के कारण यहां कई स्थानों पर केवल एक ओर के यातायात की अनुमति है।
बुधवार को श्रीनगर का न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि लेह में तापमान शून्य से 14 डिग्री नीचे था। करगिल में न्यूनतम तापमान शून्य से 15 डिग्री नीचे दर्ज किया गया।
श्रीनगर स्थित मौसम विभाग के निदेशक सोनम लोटस ने बताया, "अगले दो दिनों के दौरान पूरी घाटी और लद्दाख क्षेत्र में हल्की बारिश और हिमपात की संभावना है।"
अधिकारियों ने घाटी के ऊंचाई वाले स्थानों पर भूस्खलन की आशंका देखते हुए हाईअलर्ट जारी कर लोगों को घरों में रहने या सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की सलाह दी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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