सैनिकों की जान बचाने वाले कुत्ते का होगा सम्मान
'ट्रेयो' नाम के काले रंग के लेब्राडोर नस्ल के आठ वर्ष के खोजी कुत्ते ने पिछले पांच वर्षो में अफगानिस्तान में काम करते हुए तालिबान लड़कों द्वारा छुपाए गए कई बमों और हथियारों को पकड़ने में मदद की है।
इस कुत्ते को सार्जेट डेव हेहोए ने एक शानदार सैन्य खोजी कुत्ते के तौर पर प्रशिक्षित किया है। यह फिलहाल ब्रिटिश सेना का सर्वश्रेष्ठ खोजी कुत्ता है।
अफगानिस्तान में शानदार काम के लिए इस कुत्ते को 'पिपुल्स डिस्पेंसरी फॉर सिक एनिमल्स' द्वारा 'डिककिन मेडल' से नवाजा जाएगा। यह मेडल इस महीने के उत्तरार्ध में राजकुमारी एलेक्जेंड्रा द्वारा उसके गले में लगाया जाएगा।
'ट्रेयो' ने अफगानिस्ता में काम करते हुए हेलमंड प्रांत के सैनगिन नाम के स्थान पर मार्च 2008 में 'डेइजी चेन' नाम का एक 'इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस' (आईईडी) पकड़ने में सैनिकों की मदद की थी।
'डेइजी चेन' ऐसे बम का नाम है, जिसमें कई बमों को एक साथ जोड़ा जाता है, जिससे कि दुश्मन को ज्यादा से ज्यादा हानि पहुंचाई जा सके। यह उन सैनिकों को निशाने पर लेने के लिए खासतौर पर मार्गो पर लगाया जाता है, जो अक्सर गश्त पर होते हैं। इस कुत्ते के कारण ही 2008 में ब्रिटिश सेना के एक पूरे प्लाटून की जान बच गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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