दिल्ली में खुलेंगे दो और परिवार न्यायालय

नई दिल्ली, 7 फरवरी (आईएएनएस)। अदालतों में लग रही भीड़ और लंबित पड़े वैवाहिक मामलों को देखते हुए राजधानी में दो और 'परिवार न्यायालय' खोले जाएंगे जहां पारिवारिक मामलों का निपटारा किया जाएगा। दिल्ली में वैवाहिक मामलों से जुड़े 20,925 मामले लंबित हैं।

पारिवारिक विवादों को सौहार्दपूर्ण वातावरण में हल करने के लिए रोहिणी में दो 'परिवार न्यायालय' का गठन किया जाएगा।

अदालत के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "दोनों न्यायालय तैयार हैं और इस सप्ताह के अंत में इनका उद्घाटन किया जाएगा।"

उन्होंने बताया कि इस तरह की अदालतें खोलने का मुख्य उद्देश्य वैवाहिक मामलों को लेकर अदालत पहुंचने वाले दंपतियों के बच्चों को अनुकूल वातावरण मुहैया कराना है।

इस तरह का एक 'परिवार न्यायालय' पहले ही द्वारका अदालत परिसर में चलाया जा रहा है। द्वारका अदालत में लोगों की अच्छी प्रतिक्रिया मिलने के बाद सभी जिला अदालतों में इस तरह की अदालत खोलने की योजना बनाई जा रही है।

अधिकारी ने कहा, "शहर की अदालतों में पारिवारिक और वैवाहिक मामलों से जुड़े 20,925 मामले लंबित पड़े हुए हैं। इस तरह कम से कम 35 परिवार न्यायालयों की जरूरत है।"

परिवार न्यायालय में पूरे समय के लिए एक मनोवैज्ञानिक रखा जाएगा जो उन दंपतियों को सलाह मशविरा देगा जिनका वैवाहिक जीवन प्रभावित है। इसके लिए दो कमरों का निर्माण किया जाएगा जहां मनोवैज्ञानिक दोनों पक्षों को सलाह देंगे।

उल्लेखनीय है कि पारिवार न्यायालय अधिनियम, 1984 के लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उड़ीसा, कर्नाटक, तामिलनाडु, केरल, बिहार और असम सहित अन्य राज्यों में 61 परिवार न्यायालय स्थापित किए गए हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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