झारखण्ड 5 वर्षो में अतिरिक्त बिजली उत्पादन करने लगेगा : दास
दास ने आईएएनएस से कहा, "हमारा लक्ष्य तीन वर्षो में झारखण्ड को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है और अगले पांच वर्षो में अतिरिक्त बिजली का उत्पादन करना है।"
दास ने कहा, "हम फिलहाल दो विद्युत संयंत्रों को कारगर बनाने पर काम कर रहे हैं और नए संयंत्रों को भी स्थापित करने पर विचार कर रहे हैं। नए संयंत्रों की स्थापना निजी निवेशकों के सहयोग से किया जाएगा।"
दास ने कहा, "यदि किसानों को बिजली मिलेगी तो वे अच्छी तरह से खेती करेंगे, जिससे पैदावार बढ़ेगा। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में लघु उद्योग स्थापित होंगे।" फिलहाल राज्य में केवल 12 फीसदी जमीन की सिंचाई हो रही है ।
उधर, दास के बिजली उत्पादन के दावे को राज्य के अधिकारी संदेह की दृष्टि से देख रहे हैं। राज्य में नवंबर 2000 में 450 मेगावाट बिजली का उत्पादन हुआ था, जबकि अभी 300 से 350 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है।
राज्य को 1,320 मेगावाट बिजली की आवश्यकता है, जबकि उसके दो संयंत्र पतरातु थर्मल पॉवर स्टेशन और तेनुघाट विद्युत निगम क्रमश: 150 और 200 मेगावाट बिजली का उत्पादन कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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