इंसाफ के इंतजार में है 'नेपाल की रुचिका'
काठमांडू, 31 दिसम्बर (आईएएनएस)। बहुचर्चित रुचिका गिरहोत्रा मामले की तरह नेपाल में भी एक मामला मीडिया की सुर्खियों में है। यहां सामूहिक दुष्कर्म की शिकार एक महिला पुलिसकर्मी न्याय की प्रतिक्षा में है।
पश्चिमी नेपाल के अचाम पुलिस थाने में कार्यरत एक महिला पुलिसकर्मी के साथ इस वर्ष 27 सितंबर को छह पुलिसकर्मियों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। घटना के चार महीने गुजर जाने के बाद भी पीड़िता को न्याय नहीं मिल सका।
अभी तक पुलिस विभाग इस मामले को रफा-दफा करने में लगा था लेकिन मीडिया के हस्तक्षेप के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। समाचार पत्र 'नया पत्रिका' ने सबसे पहले यह रिपोर्ट प्रकाशित की थी।
पीड़िता के साथ थाने में उसके सहयोगी पुलिसकर्मियों ने दुष्कर्म किया था। प्रशासन ने मामले को दबाने का पूरा प्रयास किया था। इसके लिए पीड़िता की शिकायत के बावजूद घटना के चार दिन बाद चिकित्सकीय जांच की गई थी।
उधर, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सामूहिक दुष्कर्म के मामले की दो बार जांच करवाई। आयोग ने प्रधानमंत्री कार्यालय से आरोपी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार करने, उन्हें निलंबित करने तथा उनके खिलाफ आपराधिक प्रक्रिया शुरू करने को कहा है।
आयोग ने दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय जांच करवाने की सिफारिश की है। आयोग का कहना है कि उप पुलिस अधीक्षक और पुलिस निरीक्षक ने मामले की जांच में बाधा डालने का ्र प्रयास किया।
घटना के तीन महीने के बाद सरकार ने अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। न्याय की मांग करते हुए कई छात्र संगठन भी सड़क पर उतर आए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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