राठौर ने 4 मुख्यमंत्रियों के संरक्षण का आनंद उठाया

चंडीगढ़, 23 दिसम्बर (आईएएनएस)। हरियाणा के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एस.पी.एस राठौर को मिली सजा के बाद भले ही उनके इर्द-गिर्द मित्रों की संख्या न के बराबर रह गई हो, लेकिन उसने अपने ऊपर लगे गंभीर आरोपों के बावजूद लगातार चार मुख्यमंत्रियों के संरक्षण का आनंद उठाया है।

लोक दल (फिलहाल इंडियन नेशनल लोक दल), कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और हरियाणा विकास पार्टी (हविपा) की सरकारों ने वर्ष 1990 और 2002 के बीच राठौर को लगातार प्रोन्नति दी और संभवत: उसका बचाव भी किया।

वर्ष 1990 में जब 12 अगस्त को पंचकूला में छेड़छाड़ की घटना घटी थी, उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री हुकुम सिंह (लोक दल) ने न केवल इस घटना को लेकर मचे शोरशराबे को नजरअंदाज कर दिया, बल्कि तत्कालीन डीजीपी आर.आर.सिंह की मामले से संबंधित एक जांच रिपोर्ट को भी रद्दी की टोकरी में फेंक दिया। रिपोर्ट में राठौर को रुचिका के साथ छेड़छाड़ करने का प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया था।

आर.आर.सिंह की रिपोर्ट ने राज्य सरकार से सिफारिश की थी कि वह राठौर के खिलाफ एक मामला दर्ज कराए। लेकिन हुकुम सिंह ने इसकी अनुमति नहीं दी।

इसके बाद वर्ष 1991 में मार्च और जून महीने के बीच ओम प्रकाश चौटाला (लोक दल) मुख्यमंत्री बने। लेकिन उन्होंने भी कोई कार्रवाई नहीं की।

छेड़छाड़ की घटना के समय पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) रहे राठौर को अलबत्ता प्रोन्नत कर वर्ष 1994 में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बना दिया गया। उस समय राज्य में कांग्रेस की सरकार थी और भजन लाल मुख्यमंत्री थे। वह भी प्रोन्नति उस समय की गई थी, जब कुछ ही महीने पहले रुचिका ने दिसंबर 1993 में आत्महत्या कर ली थी।

राठौर ने भजन लाल के पूरे कार्यकाल (जून 1991-मई 1996) के दौरान अपने पद का आनंद उठाया। भजन लाल के कार्यकाल के दौरान राठौर को पूर्ण रूप से महानिदेशक बना दिया गया।

अगले मुख्यमंत्री बंसी लाल (हविपा, 1996-1999) ने भी राठौर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। वह भाजपा के समर्थन से मुख्यमंत्री बने हुए थे। लेकिन पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय ने वर्ष 1998 में राठौर के खिलाफ सीबीआई जांच का आदेश दिया। उस समय बंसी लाल की ही सरकार थी।

अक्टूबर 1999 में भाजपा के समर्थन से मुख्यमंत्री बने इनेलो के चौटाला ने राठौर को राज्य का पुलिस प्रमुख (डीजीपी) बना दिया। जनवरी 2000 में सीबीआई द्वारा आरोप पत्र दाखिल किए जाने के बावजूद राठौर दिसंबर 2000 तक अपने शीर्ष पद पर बने रहे।

हालांकि चौटाला ने मंगलवार को राठौर से अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उसे पूर्व की सरकारों ने प्रोन्नति दी थी और सीबीआई द्वारा आरोप पत्र दाखिल करने के बाद उन्होंने उसे डीजीपी के पद से हटा दिया था। राठौर 2002 में अंतत: सेवानिवृत्त हो गए।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+