कृषि क्षेत्र की विकास दर 4 प्रतिशत होनी चाहिए : मुखर्जी
नई दिल्ली, 23 दिसम्बर (आईएएनएस)। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को कहा कि देश में समान विकास हासिल करने के लिए कृषि क्षेत्र को चार प्रतिशत वार्षिक की दर से विकास करना चाहिए।
पीएचडी चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के 104 वार्षिक सत्र में मुखर्जी ने कहा, "संतुलित विकास के लिए हमारी कृषि की विकास दर चार प्रतिशत रहनी चाहिए।"
वित्त मंत्री ने कहा कि बहरहाल अपर्याप्त मानसून और सूखे के कारण कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर कम रहेगी।
उन्होंने कहा, "अप्रत्याशित बाढ़ और सूखे के कारण कृषि विकास में गिरावट रही है। वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में यह 2.5 प्रतिशत और दूसरी में एक प्रतिशत रही। मैं नहीं जानता तीसरी तिमाही में यह क्या होगी।"
निर्यात क्षेत्र में बदलाव के संकेतों पर प्रतिक्रिया प्रकट करने में भी वित्त मंत्री काफी सतर्क रहे।
उन्होंने कहा कि नवंबर में निर्यात उत्साहवर्धक रहे परंतु इस समय अमेरिका, यूरोप और जापान में तेज वृद्धि के बगैर निर्यातों में अधिक वृद्धि की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। देश का 60 प्रतिशत निर्यात इन देशों को ही होता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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