बयान से पलटे पाक प्रधानमंत्री

लेकिन बाद में उन्होंने अपने बयान को बदलते हुए कहा कि अभियान जारी है और अभियान के दौरान कई सफलताएँ मिली हैं. उन्होंने कहा कि वो ये नहीं बता सकते कि दक्षिणी वज़ीरिस्तान में कब तक सैनिक अभियान ख़त्म होगा. प्रधानमंत्री गीलानी ने यह भी स्पष्ट किया कि सैनिक अभियान देश के अन्य क़बायली हिस्सों में भी शुरू किया जा सकता है, जिनमें उत्तरी औरकज़ई क्षेत्र भी शामिल है.
इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि तालेबान के ख़िलाफ़ दूसरे चरण के अभियान की तैयारी हो रही है. बीबीसी संवाददाता ओरिया ग्वेरिन का कहना है कि दक्षिणी वज़ीरिस्तान में किसी चरमपंथी नेता को पकड़ पाने में मिली नाकामी के कारण सरकार को अन्य इलाक़ों में भी अभियान शुरू करना पड़ रहा है. एक सैनिक सूत्र ने बीबीसी को बताया है कि सेना को चरमपंथियों की तलाश में पूरे क़बायली इलाक़े में अभियान चलाना पड़ सकता है और इसमें वर्षों लग सकते हैं.
'ग़लत मतलब'
प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गीलानी ने कहा कि दक्षिणी वज़ीरिस्तान में सैनिक कार्रवाई के बारे में उनके पहले बयान का ग़लत अर्थ निकाला गया था. उन्होंने कहा कि दक्षिणी वज़ीरिस्तान में चल रही मौजूदा कार्रवाई काफ़ी सफल रही है और चरमपंथियों के कई ठिकानों का पता चला और बड़ी मात्रा में हथियार भी बरामद हुए.
यूसुफ़ रज़ा गीलानी ने कहा कि चरमपंथी जहाँ भी शरण लिए हुए हैं, उनका पीछा किया जाएगा. ये भी माना जा रहा है कि कई चरमपंथी औरकज़ई इलाक़े में छिपे हुए हैं. पाकिस्तान की सेना ने अक्तूबर के मध्य में दक्षिणी वज़ीरिस्तान में सैनिक कार्रवाई शुरू की थी. ये इलाक़ा अफ़ग़ानिस्तान की सीमा से लगा हुआ है.












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