शिक्षक की भूमिका में दिखे आरबीआई के गर्वनर

आरबीआई की 75वीं वर्षगांठ समारोह कार्यक्रम के तहत राव ने मंगलवार को बेंगलुरू के ग्रामीण इलाके डोड्डा बल्लावांगला में एक घंटे तक गांव के स्कूली छात्रों को शिक्षक की तरह पढ़ाया।
राव ने जिज्ञासु छात्रों को बताया, "रिजर्व बैंक सामान्य बैंक की तरह नहीं है। हम नाम से बैंक हैं लेकिन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंकों से हमारा काम अलग है। हम मुद्रा और सिक्के जारी करने से जुड़े हैं।"
जब राव ने छात्रों से पूछा कि कितने छात्र बैंक के बारे में जानते हैं या बैंक को देखा है, तो करीब 100 छात्रों ने हाथ उठाया। लेकिन राव ने जब यह पूछा कि कितने छात्र रिजर्व बैंक के बारे में जानते हैं या उसके बारे में सुना है तो किसी भी छात्र ने हाथ नहीं उठाया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications