कांग्रेस की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार मीरा कुमार का जीवन परिचय
नई दिल्ली। पूर्व लोकसभा स्पीकर अगले माह होने वाले राष्ट्रपति चुनावों के लिए कांग्रेस समेत कम्युनिस्ट पार्टी की उम्मीदवार होंगी। मीरा कुमार का सामना एनडीए के उम्मीदवार और बिहार के पूर्व राज्यपाल रामनाथ कोविंद से होगा।
उप-प्रधानमंत्री की बेटी
पूर्व उपप्रधानमंत्री जगजीवन राम की बेटी और सासाराम से सांसद रहीं मीरा कुमार को जब वर्ष 2009 मेंं सर्वसम्मति से लोकसभा का अध्यक्ष चुना गया तो देश की संसदीय परंपरा के इतिहास में एक और सुनहरा पन्ना दर्ज हो गया। लोकसभाध्यक्ष पद पर निर्वाचित होने वाली वह देश की पहली महिला बन गईं।मीरा कुमार लोकसभाध्यक्ष के पद पर आसीन होने वाली पहली दलित महिला थीं। साथ ही वह बिहार से इस पद पर आसीन होने वाली दूसरी सांसद थीं।
उनसे पहले पांचवीं लोकसभा में बिहार के बलिराम भगत लोकसभाध्यक्ष के पद पर आसीन हुए थे। मीरा कुमार सासाराम संसदीय क्षेत्र से लगातार दूसरी बार और कुल पांचवीं बार संसद में पहुंची हैं।
अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर
वर्ष 1945 में पटना में जन्मीं और दिल्ली के इंद्रप्रस्थ कॉलेज व मिरांडा हाउस से शिक्षा ग्रहण करने वाली मीरा कुमार, कानून में स्नातक और अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर हैं। वर्ष 1973 में वह भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के लिए चुनी गईं। इसके बाद स्पेन, ब्रिटेन और मॉरीशस में उच्चायुक्त रहीं लेकिन अफसरशाही उन्हें रास नहीं आई और उन्होंने राजनीति में कदम बढ़ाने का फैसला किया।
मीरा कुमार ने अपना राजनीतिक सफर उत्तर प्रदेश से प्रारंभ किया। वर्ष 1985 में बिजनौर लोकसभा क्षेत्र में हुए उपचुनाव में उन्होंने उत्तर प्रदेश की वर्तमान मुख्यमंत्री मायावती और कद्दावर दलित नेता रामविलास पासवान को पराजित कर पहली बार संसद में कदम रखा। हालांकि इसके बाद हुए चुनाव में वह बिजनौर से पराजित हुई। इसके बाद उन्होंने अपना क्षेत्र बदला और 11 वीं तथा 12 वीं लोकसभा के चुनाव में वह दिल्ली के करोलबाग संसदीय क्षेत्र से विजयी होकर फिर संसद पहुंचीं।
जन्मस्थली बिहार ही बनी कर्मभूमि
इसके बाद मीरा कुमार ने अपनी जन्मस्थली बिहार को ही अपनी कर्मभूमि बनाने का फैसला किया और अपने पिता की राजनीतिक विरासत संभालने सासाराम जा पहुंचीं। सासाराम संसदीय क्षेत्र में 1998 और 1999 के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुनिलाल ने उन्हें पराजित कर दिया। परंतु 2004 के लोकसभा चुनाव में पासा पलट गया, मीरा कुमार ने मुनिलाल को 2,58,262 मतों से पराजित कर दिया। उस समय इन्हें पहली बार केन्द्र में मंत्री पद भी प्राप्त हुआ और सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया।
15 वीं लोकसभा के लिए हुए चुनाव में बिहार में जहां राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की हवा बह रही थी, उसमें भी मीरा कुमार ने सासाराम सीट को बरकरार रखा तथा अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी मुनिलाल को 45 हजार से ज्यादा मतों से पराजित किया। इसके बाद केन्द्र में उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा देते हुए जल संसाधन मंत्रालय सौंपा गया।
वह कांग्रेस महासचिव और कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य भी रह चुकी हैं। उनके पति मंजुल कुमार सर्वोच्च न्यायालय में वकील हैं।












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