भारत और फ्रांस के बीच परमाणु करार (लीड-1)
पेरिस, 30 सितम्बर (आईएएनएस)। भारत और फ्रांस ने मंगलवार को असैन्य परमाणु सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) से वैश्विक परमाणु व्यापार की छूट मिलने के बाद फ्रांस पहला देश बन गया है जिसके साथ भारत ने परमाणु सहयोग समझौता किया है।
पेरिस, 30 सितम्बर (आईएएनएस)। भारत और फ्रांस ने मंगलवार को असैन्य परमाणु सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) से वैश्विक परमाणु व्यापार की छूट मिलने के बाद फ्रांस पहला देश बन गया है जिसके साथ भारत ने परमाणु सहयोग समझौता किया है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और फ्रांसीसी राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी की उपस्थिति में द्विपक्षीय परमाणु सहयोग समझौते पर फ्रांस की ओर से विदेशमंत्री राबर्ट कुचनर और भारत के परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष अनिल काकोड़कर ने हस्ताक्षर किए।
दोनों देशों ने नागरिक परमाणु सहयोग समझौते सहित अंतरिक्ष, आतंकवाद निरोध और व्यापार तथा उच्च अनुसंधान के क्षेत्र में दो और समझौते पर हस्ताक्षर करने के साथ ही अपने रणनीतिक संबंधों में 'एक नए आयाम' की घोषणा की है।
इस समझौते के बाद फ्रांस की अरेवा जैसी कंपनियां भारत को ईंधन और रिएक्टरों की आपूर्ति शुरू कर सकेंगी। बहरहाल, दोनों देशों के बीच वास्तविक परमाणु व्यापार को आरंभ होने के लिए अमेरिका के साथ 123 द्विपक्षीय परमाणु सहयोग समझौते के पूरा होने का इंतजार करना होगा।
फ्रांस अपनी ऊर्जा जरूरतों का 77 प्रतिशत परमाणु ऊर्जा से पूरा करता है। इसके पास 58 परमाणु रिएक्टर हैं जो अमेरिका के बाद सबसे अधिक हैं।
भारत की परमाणविक आजादी के लिए लंबा संघर्ष करने वाले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सरकोजी से वार्ता के दौरान कहा, "नागरिक परमाणु सहयोग के समझौते पर हस्ताक्षर करके हम आज आपसी रणनीतिक संबंधों में नया आयाम जोड़ रहे हैं।"
प्रेस से मुखातिब मनमोहन सिंह ने कहा, "मुझे विश्वास है कि मेरी यात्रा ने फ्रांस के साथ हमारे संबंधों का नया परिदृश्य खोला है, जो लोकतंत्र, बहुलतावाद और कानून के शासन के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता की सुदृढ़ नींव पर आधारित है।"
दोनों देशों ने वर्ष 2012 तक द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाकर 12 अरब यूरो करने और संयुक्त राष्ट्र तथा अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संस्थाओं में सुधार के लिए सामूहिक प्रयास करने का भी निर्णय लिया।
दोनों देशों ने अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग और सामाजिक सुरक्षा के एक समझौते पर हस्ताक्षर किए, इससे भारतीय पेशेवरों के लिए फ्रांस में काम करना आसान हो जाएगा।
भारत और फ्रांस रक्षा क्षेत्र में मौजूदा क्रेता-विक्रेता संबंध को संयुक्त उत्पादन और नई प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण की प्रक्रिया में बदलने पर भी सहमत हो गए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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