कपड़ा उद्योग की कपास के निर्यात पर प्रतिबंध की मांग
अहमदाबाद, 20 जून (आईएएनएस)। कपड़ा उद्योग ने सरकार से कपास के निर्यात पर 31 दिसंबर तक के लिए पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
अहमदाबाद, 20 जून (आईएएनएस)। कपड़ा उद्योग ने सरकार से कपास के निर्यात पर 31 दिसंबर तक के लिए पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में भारतीय कपड़ा उद्योग परिसंघ यानी कनफेडरेशन आफ इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्री (सीआईटीआई) के अध्यक्ष पी.डी. पटौदिया ने कहा है कि देश में कपास की कीमतों में कमी लाने के लिए और पर्याप्त घरेलू आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए इसके निर्यात पर प्रतिबंध लगाना जरूरी हो गया है।
पटौदिया ने पत्र में सरकार को सुझाव दिया है कि कपास के निर्यात पर प्रतिबंध को कम से कम 31 दिसंबर तक प्रभावी रखा जाए।
सीआईटीआई ने कपास के आयात पर आयात कर उठाने की मांग की है।
उधर हवाई किराये में वृद्धि के बाद कपास के निर्यात में जो अल्पावधि के लिए ठहराव आया था, फिर से शुरू हो गया है।
कपड़ा मिल मालिकों की तरफ से बड़ोदरा स्थित आईसी टेक्सटाइल्स के प्रबंध निदेशक सुनील जैन का कहना है कि वैश्विक स्तर पर कपास की कीमतें बढ़ी हैं। कपास की घरेलू कीमतों का जहां तक प्रश्न है, पिछले वर्ष की तुलना में 20 फीसदी बढ़ा है।
सुनील जैन के अनुसार उत्पादन में वृद्धि के बावजूद कीमतों में उछाल के लिए पूरी तरह से निर्यात जिम्मेदार है। जैन ने बताया कि अक्टूबर से शुरू विपणन वर्ष के दौरान अभी तक कुल 85 लाख गांठ कपास का निर्यात किया जा चुका है। उनके मुताबिक नए विपणन वर्ष की शुरुआत से पहले कपास का निर्यात बढ़कर एक करोड़ गांठ तक पहुंच सकता है।
अहमदाबाद स्थित कपास दलाल अरुणभाई दलाल के अनुसार कपास के सबसे बड़े उत्पादक राज्य गुजरात से मौजूदा विपणन वर्ष के दौरान अभी तक कुल 39 लाख टन गांठ कपास का निर्यात किया गया है और छह लाख कपास के निर्यात के लिए ताजा सौदे हुए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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