राहुल की सलाह रंग लाई, कांग्रेस को पूर्णकालिक कैडरों की तलाश
नई दिल्ली, 20 जून (आईएएनएस)। चुनावी असफलताओं के दौर से गुजर रही कांग्रेस की नजर अब सीधे लोकसभा चुनावों पर आ टिकी है। इसके मद्देनजर वह भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और वामपंथी दलों की तर्ज पर पार्टी संगठन में पूर्णकालिक कैडरों की फौज तैयार करने की रणनीति में जुट गई है।
नई दिल्ली, 20 जून (आईएएनएस)। चुनावी असफलताओं के दौर से गुजर रही कांग्रेस की नजर अब सीधे लोकसभा चुनावों पर आ टिकी है। इसके मद्देनजर वह भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और वामपंथी दलों की तर्ज पर पार्टी संगठन में पूर्णकालिक कैडरों की फौज तैयार करने की रणनीति में जुट गई है।
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने तो कैडरों की फौज खड़ी करने के लिए प्रतिभाओं की तलाश भी शुरू कर दी है। ज्ञात हो कि राहुल ने ही पार्टी संगठन में पूर्णकालिक कैडरों की आवश्यकता पर बल दिया था।
कांग्रेस के एक महासचिव ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "हमारे पास संगठन में काम करने के लिए भाजपा और वामदलों की तरह पूर्णकालिक कार्यकर्ता नहीं है। हमारे पास सिर्फ अंशकालिक कार्यकर्ता हैं। यह चिंता का विषय है।"
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जब युवा कांग्रेस और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन आफ इंडिया (एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं से मिलते हैं तो वह भी संगठन में पूर्णकालिक कैडरों की कमी महसूस करते हैं।
कर्नाटक, महाराष्ट्र, और गुजरात जैसे राज्यों के 50 से 60 फीसदी जबकि पंजाब, आंध्रप्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों के 40 से 50 फीसदी कांग्रेसी विधायक व्यवसायी हैं। शेष बचे विधायक वकील, डाक्टर और इंजीनीयर जैसे अन्य पेशे से जुड़े हैं।
उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी पिछले कुछ समय से जमीन से जुड़े युवा, मेहनती और समर्पित कार्यकर्ताओं की तलाश में लगे हुए हैं। उनके इस प्रतिभा खोज अभियान के लिए कांग्रेस के युवा व अनुभवी नेताओं की एक समिति भी बनी है जिसमें अशोक गहलोत, मुकुल वासनिक, बी. के. हरिप्रसाद, वी. नारायणसामी और युवा सांसदों में जितिन प्रसाद, दीपेन्द्र हुड्डा और अजय माकन शामिल हैं।
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक यह समिति जब दौरे पर होती है तो औसतन 100 से 150 कार्यकर्ता साक्षात्कार के लिए आते हैं। समिति के सदस्य इनमें से 30 या 40 कार्यकर्ताओं को चुनते हैं और फिर राहुल गांधी इन चुनिंदा युवकों का साक्षात्कार लेते हैं।
हालांकि कांग्रेस नेतृत्व ने इन चुनिंदा युवकों के समूह के बारे में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है लेकिन नेताओं ने संकेत दिए हैं कि इन युवाओं के प्रदर्शन के हिसाब से उन्हें संगठन में जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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