ओंकारेवर परियोजना के पुनर्वास की रिपोर्ट मांगी

भोपाल, 20 जून (आईएएनएस)। नर्मदा नदी पर बन रहे ओंकारेश्वर बांध में वर्तमान जल स्तर 189 मीटर से ऊपर पानी भरने की अनुमति देने से जबलपुर उच्च न्यायालय ने इंकार कर दिया। साथ ही शिकायत निवारण प्राधिकरण को 15 दिन में पुनर्वास संबंधी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिया है।

उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ए़ क़े पटनायक और न्यायमूर्ति अजित सिंह ने नर्मदा बचाओ आंदोलन की ओर से दायर की गई याचिका की सुनवाई करते हुए कहा है कि शिकायत निवारण प्राधिकरण के समक्ष पुनर्वास संबंधी 2800 शिकायतें दर्ज हुई हैं जिनका निराकरण होना अभी बाकी है। जब तक इन शिकायतों का निराकरण नहीं हो जाता तब तक न्यायालय संतुष्ट नहीं होगा कि पुनर्वास पूरा हो गया है।

न्यायालय ने प्राधिकरण को आदेश दिया है कि वह अगले 15 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत कर यह बताये कि कितने विस्थापितों तथा उनके वयस्क पुत्रों ने जमीन के बदले मुआवजा प्राप्त किया है और कितनों ने मुआवजा नहीं लिया है।

प्राधिकरण द्वारा प्रस्तुत किये गये प्रतिवेदन में स्वीकार किया गया है कि 31 मार्च 2008 तक जमीन संबंधी 3800 और पुनर्वास संबंधी 2800 शिकायतें उस तक आयी है, इस तरह कुल मिलाकर 6500 शिकायतें उसे प्राप्त हुई हैं। इन सभी शिकायतों पर सुनवाई कर निर्णय किया जाना शेष है।

नर्मदा बचाओ आंदोलन की ओर से कहा गया है कि जमीन संबंधी 3800 शिकायतों में से 2 हजार ऐसी है जिनमें विस्थापितों को मुआवजा नहीं मिला है। नर्मदा बचाओ आंदोलन की ओर से वरिष्ठ कार्यकर्ता चित्तरूपा पालित ने पक्ष रखा। वही एऩ एच़ डी़ सी़ का पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता रविशंकर प्रसाद तथा राज्य सरकार का पक्ष महाधिवक्ता आऱ एऩ सिंह ने रखा।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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