सागर खय्यामी का शव सपुर्द-ए खाक
लखनऊ, 20 जून (आईएएनएस)। मशहूर शायर सागर खय्यामी को आज लखनऊ के ऐतिहासिक इमामबाड़ा गुफरामआब में सुपुर्द-ए खाक कर दिया गया। सत्तर वर्षीय सागर खय्यामी का गुरुवार को मुम्बई के नानावती अस्पताल में निधन हो गया था।
पिछले कुछ समय से वे कैंसर से पीड़ित थे। गुरुवार रात उनका शव लखनऊ लाया गया। हास्य एवं व्यंग्य की शायरी के लिए मशहूर सागर खय्यामी का पूरा नाम सैय्यद रशीदुल हसन नकवी था और उनका ताल्लुक लखनऊ के मशहूर गुफरामआब घराने से था।
आज उनका जनाजा चौक के जौहरी मुहल्ले की तंग गली से इमामबाड़ा गुफरामआब लाया गया, जहां उन्हें शहर के तमाम नामचीन लोगों और चाहने वालों की मौजूदगी में सुपुर्द-ए खाक किया गया।
सागर खय्यामी के पिता मौलाना औलाद हुसैन भी शायर थे और मौलवी लल्लन के नाम से जाने जाते थे। सागर ख्य्यामी का क्रिकेट पर लिखा गया गजल संग्रह 'अंडर क्रीज' खासा मशहूर हुआ था। उन्हें 1977 में केंद्र सरकार द्वारा मिर्जा गालिब अवार्ड से नवाजा गया था। उन्हें कई राज्यों ने उर्दू अकादमी पुरस्कार से भी सम्मानित किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications