'मुद्रास्फीति का दो अंकों में पहुंचना चिंता का विषय'
नई दिल्ली, 20 जून (आईएएनएस)। देश में महंगाई दर के बढ़कर दो अंकों में पहुंच जाने पर औद्योगिक हलकों में निराशा का इजहार किया गया है।
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने अपने बयान में कहा है कि महंगाई का 11.05 फीसदी के स्तर पर पहुंच जाना देश के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) से जारी आंकड़ों के अनुसार 7 जून को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान देश में महंगाई दर बढ़कर पिछले 13 वर्षो के उच्चतम स्तर यानी 11.05 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई। गत 31 मई को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान महंगाई दर 8.75 फीसदी थी।
सीआईआई के अनुसार महंगाई आंकड़ों में वृद्धि अप्रत्याशित नहीं है, क्योंकि केंद्र सरकार द्वारा गत 4 जून को ईंधन की कीमतों में की गई बढ़ोतरी के बाद से ही यह स्पष्ट हो गया था कि मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर इसका असर पड़ना लाजिमी है।
रिकार्ड महंगाई को अर्थव्यस्वस्था के लिए अशुभ मानते हुए सीआईआई ने कहा है कि सरकार के सामने इसने बड़ी चुनौती पेश की है।
सरकारी प्रयासों को पर्याप्त करार देते हुए सीआईआई ने कहा है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ रही मुद्रास्फीति की वजह से सरकार के वित्तीय व मौद्रिक उपाय नाकाफी साबित हो रहे हैं।
सीआईआई ने महंगाई पर नियंत्रण के लिए मौद्रिक व वित्तीय उपायों से इतर (आउट आफ बॉक्स साल्युशंस ) आपूर्ति प्रबंधन को मजबूत करने की जरूरत पर बल दिया है।
एसोचैम के अध्यक्ष सज्जन जिंदल के अनुसार आने वाले समय में तेल की कीमतों में नरमी आने के संकेत मिल रहे हैं और ऐसी स्थिति में जरूरी वस्तुओं की कीमतों में गिरावट के मद्देनजर महंगाई से राहत मिलने की उम्मीद की जा सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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