संप्रग सरकार गिन रही अंतिम सांसें : राजनाथ सिंह (लीड-1)

नई दिल्ली, 1 जून (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा है कि जनता की रिपोर्ट कार्ड में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार अंतिम वर्ष में अंतिम सांसें गिन रही है। उन्होंने कहा कि अब वह दिन दूर नहीं जब केंद्र में भाजपा सरकार बनाएगी और लाल किले की प्राचीर से भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी राष्ट्र को संबोधित करेंगे।

कर्नाटक की जीत के उत्साह और गुर्जर आंदोलन के साये में दिल्ली स्थित संसदीय सौध में आज से शुरू हुई भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में अपने अध्यक्षीय भाषण में राजनाथ सिंह ने कहा कि पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक की जनता ने अपने फैसले से संप्रग सरकार के चार वर्ष के कार्यकाल का जो रिपोर्ट कार्ड दिया है, लोकतंत्र में वही असली रिपोर्ट कार्ड है।

उन्होंने कहा, "कर्नाटक की जीत भारत की राजनीति में भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के लिए मील का पत्थर साबित होगी। कर्नाटक की विजय भाजपा के राजनैतिक विस्तार ही नहीं बल्कि सामाजिक और भौगोलिक विस्तार का एक नया प्रतीक बन कर उभरी है। कर्नाटक में कमल का खिलना, दक्षिण भारत में कमल के खिलने का संदेश है। इसके दूरगामी प्रभाव आने वाले वषरें में दिखाई पड़ेंगे।"

राजनाथ ने कहा कि दो वषरें में पंजाब, उत्तराखंड, गुजरात, हिमाचल प्रदेश और अब कर्नाटक में हुई भाजपा की जीत का सिलसिला अब रूकेगा नहीं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी भाजपा की जीत का सिलसिला वर्ष 2009 में होने वाले लोकसभा चुनावों तक जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में भाजपा और उसके सहयोगियों की सरकार है वहां से लोकसभा की 200 से अधिक सीटें आती हैं। जबकि कांग्रेस और उसके सहयोगियों की जिन राज्यों में सरकारे हैं वहां लोकसभा की 125 से भी कम सीटें आती हैं।

कर्नाटक की जीत से उत्साहित राजनाथ ने कहा, "हमारे लिए यह प्रसन्नता का क्षण है। सात राज्यों में हम अपने बूते सरकार में हैं और पांच राज्यों में गठबंधन की सरकारें हैं। दिल्ली की गद्दी अब दूर नहीं है।" इससे पहले उन्होंने कृषि व खाद्यान संकट के समाधान के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने की मांग की।

राजनाथ ने सभी राजनीतिक दलों से आह्वान किया कि वे सभी संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर यह दबाव बनाएं कि कृषि समस्या पर चर्चा करने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाए। उन्होंने कहा कि सरकार कृषि और खाद्यान संकट के समाधान के लिए कम से कम 10 वर्ष की अपनी दीर्घकालिक योजना लेकर आए। इस पर संसद में चर्चा हो और इसके अंतिम निष्कर्ष को गांव, गरीब और किसान के लिए संसद का संकल्प माना जाए।

वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बजट भाषण को भ्रामक करार देते हुए राजनाथ ने कहा कि तीन महीने पहले केंद्र सरकार द्वारा पेश किया बजट ठोस यथार्थ पर आधारित न होकर पूरी तरह से राजनीतिक उदेश्यों की पूर्ति के लिए था। उन्होंने दावा किया कि वित्त मंत्री के बजट के बाद आम आदमी की समस्या और बढ़ी है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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