मुशर्रफ पर दबाव बढ़ा, आर्मी हाउस खाली करवाने को लेकर याचिका
इस्लामाबाद, 28 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान के 'सर्वशक्तिमान राष्ट्रपति' करार दिए जाने वाले परवेज मुशर्रफ पर अक्टूबर 1999 से ही कुर्सी छोड़ने का दबाव रहा है। यहां तक कि मुशर्रफ के कुछ पूर्व सहयोगी भी उन्हें कुर्सी छोड़ देने की सलाह दे रहे हैं।
इस्लामाबाद, 28 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान के 'सर्वशक्तिमान राष्ट्रपति' करार दिए जाने वाले परवेज मुशर्रफ पर अक्टूबर 1999 से ही कुर्सी छोड़ने का दबाव रहा है। यहां तक कि मुशर्रफ के कुछ पूर्व सहयोगी भी उन्हें कुर्सी छोड़ देने की सलाह दे रहे हैं।
बुधवार को एक बार फिर उन्हें एक और झटका उस समय लगा जब सर्वोच्च न्यायालय में उनके खिलाफ एक याचिका दायर की गई, जिसमें अदालत से अपील की गई कि वह मुशर्रफ को आर्मी हाउस खाली करने को कहें।
मुशर्रफ अपने विरोधियों के बीच लगातार घिरते जा रहे हैं और सत्ता के गलियारे में उनके प्रभाव व रसूख का दायरा तेजी से सिमटता जा रहा है। सभी हलकों से उन्हें हटाए जाने की मांग उठ रही है। उनके सहयोगी रह चुके पूर्व जनरल जमशेद गुलजार कियानी और जनरल माजिद भी उन्हें कुर्सी छोड़ देने की सलाह दे रहे हैं।
टेलीविजन पर होने वाली परिचर्चाओं में मुशर्रफ की नीतियों की तीखी आलोचना हो रही है। उन्हें चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ और राष्ट्रपति दोनों की कुर्सियों से हटने की सलाह दी जा रही है।
पिछले सप्ताह 26 पूर्व जनरलों ने एक बैठक आयोजित कर मुशर्रफ से पद छोड़ने की अपील की थी। इसी प्रकार 22 राजनीतिक दलों के गठबंधन 'ऑल पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट' की भी यही मांग है।
सत्तारूढ़ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सह अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी ने पिछले सप्ताह एक बयान में कहा कि मुशर्रफ को कुर्सी छोड़ देनी चाहिए। उन्होंने उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाए जाने का भी संकेत दिया।
माना जा रहा है कि जरदारी ने अमेरिका को स्पष्ट कर दिया है कि देश की जनता मुशर्रफ के खिलाफ है। ऐसे में अमेरिका को मुशर्रफ की जगह किसी और का चयन स्वीकार करना पड़ सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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