मौलवियों ने की पोलियो उन्मूलन अभियान पैरवी
आगरा, 25 मई (आईएएनएस)। बच्चों को पोलियो की खुराक देने और इस बीमारी के उन्मूलन के लिए कानपुर, झांसी, आगरा और अलीगढ़ के मुस्लिम मौलवियों ने शनिवार को मुस्लिम समुदाय से पोलियो विरोधी अभियान को सहयोग देने की अपील की।
रोटरी इंटरनेशनल मुस्लिम उलेमा समिति द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में 15 जिलों के 110 मौलवियों ने शिरकत की। इस अवसर पर शिक्षकों, डॉक्टरों और बरेलवी, देवबंद तथा शिया समुदायों प्रतिनिधियों ने पोलियो को जड़ से उखाड़ फेंकने का प्रण किया। मौलवियों ने इस बात से इंकार किया कि वह पोलियो की दवा के खिलाफ हैं।
लखनऊ के मौलाना फजलुर्रहमान ने कहा, "एक पोलियो पीड़ित बच्चे के लिए अन्य बच्चों को मैदान में खेलते देखने का नजारा बहुत दर्दनाक होता है। वह दिन दूर नहीं जब हम अपने देश से इस बीमारी को बिल्कुल खत्म कर देंगे।"
सम्मेलन में जानकारी दी गई कि मुस्लिम समुदाय में पोलियो के मामलों का प्रतिशत 30 से घट कर 16 हो गया है।
उत्तरप्रदेश की सुन्नी उलेमा समिति के अध्यक्ष मौलाना इकबाल कादरी ने कहा कि हज पर जाने वालों को पोलियो की खुराक लेनी चाहिए और मुस्लिम समुदाय और उसके धार्मिक नेताओं को पोलिया उन्मूलन अभियान का हिस्सा बनना चाहिए।
पोलियो की बूंदों की महत्ता बताते हुए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की तबस्सुम ने कहा कि पोलियो की खुराक में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं होता। उन्होंने कहा, "जो लोग अपने बच्चों को पोलियो की दवा नहीं दे रहे हैं, वे उनकी जिंदगी खतरे में डाल रहे हैं।"
रोटरी क्लब की राष्ट्रीय समिति के सदस्य अजय सक्सेना ने इस अवसर पर कहा कि पोलियो उन्मूलन अभियान फिर से तेजी पकड़ रहा है और अल्पसंख्यक भी इसका हिस्सा बन रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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