नीति निर्धारण और अनुसंधान के बीच की दूरी पाटने की कवायद
दुबई, 25 मई (आईएएनएस)। विकासशील देशों में सार्वजनिक हित में किए जाने वाले फैसलों की प्रक्रिया में सुधार लाने के लिए नवीनतम शोध के नतीजों पर चर्चा के लिए दुबई में दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई है।
दुबई, 25 मई (आईएएनएस)। विकासशील देशों में सार्वजनिक हित में किए जाने वाले फैसलों की प्रक्रिया में सुधार लाने के लिए नवीनतम शोध के नतीजों पर चर्चा के लिए दुबई में दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई है।
नीति और अनुसंधान के बीच संबंध स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यशाला का आयोजन 'ग्लोबल डेवलपमेंट नेटवर्क' (जीडीएन) और 'दुबई स्कूल आफ गर्वनमेंट' (डीएसजी) संयुक्त रूप से कर रहे हैं।
सोमवार से शुरू होने वाली इस कार्यशाला में अरब के सभी देशों के अलावा एशिया, अफ्रीका, कैरेबियन और दक्षिणी अमेरिकी देशों के नीति निर्धारक और शोधकर्ता हिस्सा लेंगे।
सार्वजनिक क्षेत्र में सुधारों और क्षमता निर्माण नीतियों के लिए कनाडा के एक स्वतंत्र सलाहकार जोसफ हाफमैन ने आईएएनएस से कहा, "नीति और अनुसंधान के बीच संबंध स्थापित करने का मुद्दा सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। खास तौर पर उनके लिए इसका महत्व बढ़ जाता है जो सराकारी नीतियां बनाते हैं।"
जोसफ के मुताबिक कई बार नीति निर्धारण क्षेत्र में किए गए शोध के नतीजे लागू नहीं किए जाते। ऐसे में इस काम के लिए इस्तेमाल में आए संसाधनों की बर्बादी होती है। जोसफ ने कहा, "मुद्दा यह है कि नीति निर्माताओं द्वारा शोध के नतीजों को कैसे लागू करवाया जाए। अक्सर नीति निर्धारण से संबंधित महत्वपूर्ण फैसलों में उपलब्ध शोध के बेहतरीन नतीजों पर ध्यान नहीं दिया जाता है।"
दुबई में आयोजित यह कार्यशाला नीति निर्धारकों और इस क्षेत्र के लिए अनुसंधान करने वाले शोधार्थियों के बीच बातचीत के लिए एक अहम मौके के रूप में देखा जा रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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