गुर्जर आंदोलन में मरने वालों की संख्या 35 हुई, वार्ता मुश्किल (लीड)
जयपुर, 25 मई (आईएएनएस)। राजस्थान में अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर गुर्जरों के आंदोलन में भड़की हिंसा में मरने वालों की संख्या 35 हो गई है।
गुर्जर समुदाय द्वारा वार्ता के प्रस्ताव को ठुकराए जाने के बाद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने पत्रकारों से कहा, "मेरे धर्य को परखने की कोशिश न करें। हम लोगों द्वारा कानून हाथ में लेना बर्दाश्त नहीं कर सकते।"
उन्होंने कहा, "इस आंदोलन में कई असामाजिक तत्व और डकैत शामिल हो गए हैं। हम किसी भी परिस्थिति में हिंसा की अनुमति नहीं दे सकते। मैं गुर्जरों से एक बार फिर अनुरोध करती हूं कि वे शवों के साथ राजनीति न होने दें।"
सिंधिया ने कहा कि हिंसा पर उतरू लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री दोपहर बाद जयपुर से 170 किलोमीटर दूर भरतपुर जिले में बयाना पहुंचीं। वहां वह गुर्जरों के नेता सेवानिवृत्त कर्नल के.एल. बैंसला से बातचीत करने की कोशिश करेंगी।
गौरतलब है कि आज सुबह बैंसला ने सरकार के साथ बातचीत करने से इंकार कर दिया था।
इस बीच गुर्जरों के आंदोलन के कारण आगरा और जयपुर के बीच यातायात ठप हो गया है। इसके कारण सैकड़ों पर्यटक आगरा में फंसे पड़े हैं।
राजस्थान जाने वाले सैकड़ों तीर्थयात्री और पर्यटक मथुरा, फिरोजाबाद और आगरा के कई स्टेशनों या बस अड्डों पर यातायात सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।
आगरा होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चौहान ने कहा कि आंदोलन के कारण आगरा, दिल्ली और जयपुर के पर्यटन पर बहुत खराब असर पड़ा है।
राज्य परिवहन निगम की बसें भरतपुर से आगे नहीं जा रही हैं। विदेशी पर्यटक अपने राजस्थान दौरे को स्थगति करके वापस दिल्ली लौट रहे हैं।
कई रेलगाड़ियों के मार्ग को आगरा और मथुरा से मोड़ दिया गया है। पश्चिम की तरफ जाने वाली करीब एक दर्जन मालगड़ियां जिनमें शीघ्र नष्ट होने लायक सामान भरे हैं स्टेशनों पर खड़ी हैं।
शनिवार दोपहर को पुलिस ने मथुरा में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications