सोने ने फूंकी एड्स की परित्यक्त दवाओं में नई जान
वाशिंगटन, 25 मई (आईएएनएस)। सोने के बहुत छोटे कण अब एड्स जैसी भयानक बीमारी के इलाज में कारगर भूमिका निभाएंगे। यह बात एक नए अध्ययन में सामने आई है।
उत्तर कैरोलिना स्टेट विश्चविद्यालय के शोधकर्ताओं ने बताया कि टीएके-779 नामक एड्स की परित्यक्त दवा में जब सोने के कणों में मिलाया गया तो वह एचआईवी वायरस को मनुष्य के रोग प्रतिरक्षा तंत्र में घुसने से रोकने में कामयाब रहा।
शोधकर्ता क्रिस्टीयन मेलेंडर ने बताया, "दरअसल इस दवा के जो अणु वायरस को रोकते थे उनके ढेर सारे दुष्प्रभाव थे। जब अमोनियम साल्ट युक्त ये अणु निकाल दिए जाते तो दवा का प्रभाव ही खत्म हो जाता था।"
उन्होंने बताया, "हमने दवा में छोटे स्वर्ण कणों का प्रयोग किया जिन्होंने दवा की क्षमता को दोबारा प्रभावी बना दिया।"
इस तरह शोधकर्ताओं ने टीएके-779 दवा का एक सुधरा हुआ रूप तैयार किया जिसमें हानिकारक अमोनियम साल्ट नहीं है।
इस अध्ययन के निष्कर्ष ऑनलाइन जर्नल 'अमेरिकन कैमिकल सोसाइटी' में प्रकाशित हुए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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