जन प्रतिनिधियों पर जनता की आस्था बरकरार रखने की चुनौती : सोमनाथ
भोपाल, 24 मई (आईएएनएस)। लोक सभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी का मानना है कि जन प्रतिनिधियों के समक्ष जनता में लोकतंत्र के प्रति आस्था बनाए रखने की सबसे बड़ी चुनौती है। इसलिए जन प्रतिनिधियों को ऐसा कोई भी काम नहीं करना चाहिए जिससे लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनता का विश्वास को कमजोर पड़ने लगे।
चटर्जी शुक्रवार की शाम मध्य प्रदेश विधान सभा के संसदीय उत्कृष्टता पुरस्कार वितरण समारोह में बोल रहे थे। इस समारोह की अध्यक्षता प्रदेश के राज्यपाल बलराम जाखड़ ने की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि थे।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और जन प्रतिनिधियों के समक्ष जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की चुनौती है। जन प्रतिनिधियों पर यह भी जिम्मेदारी है कि वे यह सुनिश्चित करें कि समाज के हर वर्ग को विकास का लाभ मिले।
उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हवाले से कहा कि विधायिका के सदस्य जनता के सेवक हैं और जनता ही उनकी मार्गदर्शक है। उन्होंने सजग और सार्थक विपक्ष की भी जरूरत बताई।
इस मौके पर राज्यपाल डा. बलराम जाखड़ ने सत्ता पक्ष और विपक्ष को लोकतंत्र की गाड़ी के दो पहिए बताया। उन्होंने प्रजातंत्र को बुराई से बचाने के लिए सबको मिलकर नैतिकता के पक्ष को मजबूत बनाने पर जोर दिया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विधायी सदनों के सदस्यों को अपने आचरण के प्रति सजग रहने की सलाह दी और कहा कि अगर वे ऐसा नहीं करेंगे तो उनके सम्मान में कमी आएगी। उन्होंने विधायी सदस्यों के लिए नियामक संहिता बनाने पर जोर दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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