अयोध्या विवादित ढांचा मामले में तीसरे गवाह से जिरह

लखनऊ, 24 मई (आईएएनएस)। अयोध्या के विवादित ढांचे को गिराए जाने से संबंधित मामले की अगली सुनवाई सात जून को मुकर्रर की गई है। मामले की सुनवाई कर रही रायबरेली की विशेष सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) अदालत में इस मामले के तीसरे गवाह मोहम्मद असलम से आज उमा भारती के वकील ने जिरह की जो फिलहाल पूरी नहीं हुई है।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (अयोध्या प्रकरण) वंशराज के समक्ष 6 दिसंबर 1992 की घटना के चश्मदीद गवाह मोहम्मद असलम (पुत्र मोहम्मद कासिम) से उमा भारती के वकील हरिदत्त शर्मा ने जिरह करते हुए पूछा कि क्या यह सच नहीं है कि बाबरी मस्जिद मामले के मुद्दई मोहम्मद हाशिम को विभिन्न इस्लामिक संगठनों द्वारा मुकदमा लड़ने के लिए धन मुहैया कराया जाता था? गवाह ने इससे इंकार कर दिया।

उल्लेखनीय है कि गवाह मोहम्मद असलम मुद्दई मोहम्मद हाशिम का भतीजा है। अभियोजन पक्ष के वकील एम़ एम. हक ने बताया कि बारह पृष्ठों में आज दर्ज हुए बयान में असलम ने कहा कि पांच दिसंबर 1992 को लाठी और त्रिशूल लेकर तमाम लोग हाशिम के घर आए थे। उन्होंने पूछा कि हाशिम कहां है जो लफड़ा करता रहता है।

असलम ने कहा कि घर पर आए लोगों ने कोई हिंसा नहीं की थी और वे लोग इस घटना से डरे नहीं थे। हालांकि बाद में इस मामले को लेकर वे लोग आरक्षी अधीक्षक (एसपी) से मिले थे।

गवाह ने बताया कि 1990 में भी कार सेवकों ने बाबरी मस्जिद गिराने की कोशिश की थी और पुलिस को गोलीबारी करनी पड़ी थी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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