मॉरीशस के एक सरकारी अधिकारी ने ढूंढ़ी उड़ीसा में अपनी जड़ें
भुवनेश्वर, 24 मई (आईएएनएस)। मॉरीशस के एक सरकारी अधिकारी ने दावा किया है कि उसके पूर्वज भारतीय थे और वह उड़ीसा से 135 वर्ष पूर्व मॉरीशस गए थे।
भुवनेश्वर, 24 मई (आईएएनएस)। मॉरीशस के एक सरकारी अधिकारी ने दावा किया है कि उसके पूर्वज भारतीय थे और वह उड़ीसा से 135 वर्ष पूर्व मॉरीशस गए थे।
मॉरीशस के मानव संसाधन मंत्रालय में 47 वर्षीय अधिकारी रामरूप जगन्नाथ ने आईएएनएस के साथ ऑनलाइन साक्षात्कार में कहा कि उनके पूर्वज भारत से मॉरीशस पहुंचे थे। उन्होंने कहा, "मैं बचपन से ही अपने मूल स्थान को लेकर अपने दादाजी से बातें सुना करता था। वे इस संबंध में ढेर सारी बातें करते थे।"
उन्होंने कहा कि उनके पूर्वजों का संबंध उड़ीसा से था। इस संबंध में उन्होंने घर से मिले उड़िया लिपि के कई दस्तावेज आईएएनएस को भेजे। वे मॉरीशस में भारत से आए लोगों पर शोध भी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, "शोध कार्य के दौरान मैंने पाया कि मेरे पूर्वज भारतीय ब्राह्मण थे और वे वर्ष 1870 में कटक जिले के जागपुर गांव से श्रमिक के तौर पर मॉरीशस पहुंचे थे।" गौरतलब है कि जागपुर गांव अब जागपुर जिला बन गया है।
उन्होंने शोध के दैरान अपने वंशजों की पूरी सूची तैयार की जो भारत से वहां पहुंचे थे। रामरूप मॉरीशस के सबसे बड़े शहर बेयू बासिन में रहते हैं। उनकी पत्नी केशा स्थानीय विद्यालय में भारतीय संगीत विषय पढ़ाती हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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