रक्त परीक्षण से पता लगाया जा सकता है फेफड़े का कैंसर
टोरंटो, 20 मई (आईएएनएस)। फेफड़े के कैंसर की जांच के लिए अब बायोप्सी जैसी बड़ी जांच की जरूरत नहीं पड़ेगी। भारतीय मूल के एक अमेरिकी ने एक नए अध्ययन में पाया है कि रक्त की सामान्य जांच से ही अब फेफड़े के कैंसर का पता लगाया जा सकता है।
पेंसिलवेनिया विश्वविद्यालय के शोधकर्ता अनिल वाचनी ने बताया कि मनुष्य के शरीर में फेफड़े का कैंसर जब श्वेत रक्त कोशिकाएं के संपर्क में आता है तो इन कोशिकाओं के जीनों में भी परिवर्तन हो जाता है।
शोधकर्ता अनिल वाचनी ने कहा, "हमने अध्ययन में पाया कि श्वेत रक्त कोशिकाओं में मौजूद विभिन्न जीनों से पता लगाया जा सकता है कि फेफड़े का कैंसर है या नहीं।"
उन्होंने कहा कि अब लोग बिना दर्द और बड़े खर्चे के रक्त परीक्षण के द्वारा फेफड़े के कैंसर की जांच आसानी से करवा सकते हैं।
शोधकर्ताओं ने बताया कि इससे पहले सिर्फ सीटी स्कैन, पीईटी स्कैन और बायोप्सी जैसे खर्चीले तकनीक की मदद से ही कैंसर की जांच होती थी। यही कारण था कि सामान्य लोग कैंसर जैसी भयानक बीमारी की जांच नहीं करा पाते थे, लेकिन अब रक्त परीक्षण से ऐसा संभव हो सकता है।
शोधकर्ताओं ने अपनी विधि की सत्यता को परखने के लिए अध्ययन के दौरान 44 ऐसे लोगों के रक्त की जांच की जो अभी फेफड़े के कैंसर की प्रारंभिक अवस्था में थे। इस परीक्षण से उन लोगों के फेफड़े की बीमारी को समय रहते ही रोकने में चिकित्सकों ने सफलता पाई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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